स्टेट डेस्क, एन के सिंह।
शिवहर को 59 करोड़ की व सीतामढ़ी को 554.12 करोड़ की 67 बुनियादी, शिक्षा एवं स्वास्थ्य परियोजनाओं की सौगात मिली।
पूर्वी चंपारण: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपनी 16वीं राज्यव्यापी 'समृद्धि यात्रा' के माध्यम से प्रदेश के विकास को एक नई गति दे रहे हैं। इसी कड़ी में सोमवार को मुख्यमंत्री उत्तर बिहार के दो महत्वपूर्ण जिलों, शिवहर और सीतामढ़ी पहुँचे। यहाँ उन्होंने विकास योजनाओं की झड़ी लगाते हुए कुल 613 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री की इस यात्रा ने न केवल बुनियादी ढांचे को मजबूती दी है, बल्कि आगामी विधानसभा सत्र से पहले जनता के बीच सरकार के संकल्पों को भी दोहराया है।
शिवहर, सबसे छोटे जिले के लिए बड़े विकास का संकल्प
मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के दौरान राज्य के सबसे छोटे जिले शिवहर को विशेष प्राथमिकता दी। यहाँ उन्होंने कुल 59 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं का उपहार जिलेवासियों को सौंपा। इनमें 42 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार हुईं 75 विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया, जिससे जिले के सुदूर क्षेत्रों में सड़क संपर्क और स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा। साथ ही, 17 करोड़ रुपये की लागत वाली 28 नई योजनाओं की आधारशिला भी रखी गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिले का क्षेत्रफल भले ही छोटा हो, लेकिन विकास की दृष्टि से इसे राज्य के अग्रणी जिलों में शामिल करना उनकी प्राथमिकता है।
सीतामढ़ी, 554 करोड़ का 'विकास पैकेज' और बुनियादी ढांचे पर जोर
सीतामढ़ी जिले के लिए सोमवार का दिन ऐतिहासिक रहा। यहाँ मुख्यमंत्री ने 554.12 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि वाली योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस पैकेज में 346 करोड़ रुपये की 41 नई परियोजनाओं की नींव रखी गई, जबकि 208 करोड़ रुपये की 26 पूर्ण हो चुकी योजनाओं को जनता को समर्पित किया गया। इन योजनाओं का मुख्य केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास और जल प्रबंधन है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि सीतामढ़ी की पावन धरा का सर्वांगीण विकास ही उनकी सरकार का मुख्य ध्येय है।
उच्च स्तरीय समीक्षा और जनता से सीधा संवाद
यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे। उन्होंने दोनों जिलों के वरीय अधिकारियों के साथ सघन समीक्षा बैठक की। नीतीश कुमार ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। 'समृद्धि यात्रा' का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री का जनता से सीधा संवाद रहा। उन्होंने आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक अनिवार्य रूप से पहुँचाया जाएगा।
दिग्गजों की मौजूदगी और 'मिशन 2026' का संकेत
इस कार्यक्रम में बिहार कैबिनेट की एकजुटता भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री के साथ दोनों उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद रहे। इसके अलावा जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और शिवहर की सांसद लवली आनंद सहित कई विधायकों व जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को 'मिशन 2026' की तैयारी के रूप में भी देखा जा रहा है। यात्रा का पहला चरण 16 जनवरी से शुरू होकर 24 जनवरी तक चलेगा।







