राज्य डेस्क - प्रीति पायल
यह खबर बिहार के उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री सम्राट चौधरी के सख्त बयान पर आधारित है, जिसे उन्होंने 24 दिसंबर 2025 को पटना में एक कार्यक्रम के दौरान दिया। यह आयोजन पूर्व केंद्रीय मंत्री व निषाद समाज के प्रमुख नेता कैप्टन जय नारायण निषाद की सातवीं पुण्यतिथि पर श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल (या विद्यापति भवन जैसी जगह) में हुआ था। इसमें निषाद समाज के सदस्य भारी संख्या में उपस्थित थे, और सम्राट चौधरी प्रमुख वक्ताओं में शामिल रहे।
सम्राट चौधरी ने अपराधियों को सीधी चेतावनी दी:
"अपराधी बिहार से भाग चुके हैं। बाकी बचे लोगों को अगले तीन महीनों में बिहार छोड़ने पर विवश कर दूंगा, क्योंकि बिहार को सुशासन की जरूरत है।"
उन्होंने अपराध को "कचरा" करार दिया और कहा कि उनका मुख्य लक्ष्य अब "इस कचरे को साफ करना" है।
यह बयान बिहार में कानून व्यवस्था मजबूत करने व अपराध पर शून्य सहनशीलता की नीति का हिस्सा है।
प्रभात खबर, ABP लाइव, लल्लूराम, इकोनॉमिक टाइम्स जैसे कई प्रमुख मीडिया आउटलेट्स ने इसे प्रमुखता से दिखाया।
सम्राट चौधरी ने कैप्टन जय नारायण निषाद को पिछड़े व अति पिछड़े वर्गों का मसीहा बताया।
उन्होंने निषाद जी की पूर्णाकार प्रतिमा स्थापित करने की घोषणा की।
इसके अलावा, उन्होंने RJD प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर कटाक्ष किया, जैसे मुफ्त बिजली योजना व पुराने दौर की तुलना मे।
कार्यक्रम में पूर्व सांसद अजय निषाद, मंत्री रमा देवी जैसे अन्य नेता भी मौजूद थे।
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार खासतौर पर तीन माफियाओं पर निशाना साध रही है:
बालू माफिया
शराब माफिया
भू-माफिया व संगठित अपराधी गिरोह
1500 से अधिक माफिया चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 350 से ज्यादा के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो चुकी।
अवैध संपत्ति जब्ती तेज: हाल में 19-20 माफियाओं (भू-बालू) की 50-55 करोड़ की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव ED को भेजा गया।
पहले से 400-1300 माफियाओं की सूची तैयार, नए भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत एक्शन।
पुलिस, EOU (आर्थिक अपराध इकाई) व STF सक्रिय हैं।
सम्राट चौधरी नवंबर 2025 में गृह मंत्री बने (नीतीश कुमार ने लंबे अरसे बाद यह विभाग सौंपा)।
तब से वे अपराधियों को "बिहार छोड़ो" कहते आ रहे हैं, पुलिस कार्रवाई (एनकाउंटर, बुलडोजर) बढ़ी है।
हालांकि, बयान के कुछ घंटों बाद 24 दिसंबर को समस्तीपुर में BJP नेता रूपक सहनी की हत्या हो गई, जिस पर RJD ने टिप्पणी की कि "कानून-व्यवस्था भगवान भरोसे"। इससे राजनीतिक विवाद भी छिड़ा।
यह खबर बिहार सरकार की सुशासन प्रतिबद्धता दर्शाती है, जहां माफिया राज खत्म करने का दावा है। मार्च 2026 तक तीन महीनों में कार्रवाई के नतीजे महत्वपूर्ण होंगे।







