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सात्विक-चिराग ने रचा इतिहास, चीनी जोड़ी को हराकर पहली बार जीता चाइना मास्टर्स का खिताब

स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।

China Masters 2026: सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने आखिरकार चाइना मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया। भारतीय पुरुष युगल जोड़ी ने रविवार, 6 सितंबर 2026, को शेनझेन में खेले गए फाइनल में चीन की हे जिटिंग और रेन शियांगयू को 11-21, 21-13, 21-17 से हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही सात्विक-चिराग चाइना मास्टर्स का पुरुष युगल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय जोड़ी बन गई। यह उनके करियर का 10वां BWF World Tour खिताब भी है।

करीब 70 मिनट तक चले इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने पहले गेम में पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की। चीन की जोड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीतकर सात्विक-चिराग पर दबाव बनाया, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी करते हुए 21-13 से बाजी मारी। निर्णायक गेम में मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां सात्विक और चिराग ने दबाव के बीच धैर्य बनाए रखा और 21-17 से गेम जीतकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

पहले गेम में चीन का दबदबा

फाइनल की शुरुआत सात्विक-चिराग के लिए अच्छी नहीं रही। हे जिटिंग और रेन शियांगयू ने आक्रामक शुरुआत करते हुए जल्द ही 5-0 की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन चीनी खिलाड़ियों ने लगातार दबाव बनाए रखा।

इंटरवल तक चीन की जोड़ी 11-5 से आगे थी। इसके बाद भी सात्विक और चिराग अपनी लय हासिल नहीं कर सके और चीनी जोड़ी ने पहला गेम 21-11 से जीत लिया। यह गेम करीब 18 मिनट में समाप्त हुआ।

दूसरे गेम में सात्विक-चिराग की जोरदार वापसी

एक गेम से पिछड़ने के बाद भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में अपनी रणनीति बदली। सात्विक और चिराग ने रैलियों में बेहतर नियंत्रण दिखाया और आक्रामक खेल के जरिए चीन की जोड़ी पर दबाव बढ़ाया।

भारतीय जोड़ी ने इंटरवल तक 11-7 की बढ़त बना ली। इसके बाद सात्विक-चिराग ने अपनी बढ़त को कायम रखा और दूसरा गेम 21-13 से जीतकर मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर ला दिया।

निर्णायक गेम में बढ़ा रोमांच

तीसरे और निर्णायक गेम की शुरुआत एक बार फिर भारतीय जोड़ी के लिए चुनौतीपूर्ण रही। हे जिटिंग और रेन शियांगयू ने 4-0 की बढ़त बना ली, लेकिन सात्विक और चिराग ने धैर्य नहीं खोया।

भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक जुटाते हुए स्कोर 7-7 से बराबर किया। इंटरवल तक सात्विक-चिराग ने 11-9 की बढ़त बना ली। इसके बाद दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ और स्कोर कई मौकों पर बेहद करीब रहा।

निर्णायक क्षणों में सात्विक-चिराग ने बेहतर नियंत्रण दिखाया। उन्होंने मैच के अंतिम चरण में बढ़त हासिल की और तीसरा गेम 21-17 से जीतकर चाइना मास्टर्स की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।

तीसरी बार फाइनल में पहुंचे, इस बार चैंपियन बने

सात्विक-चिराग के लिए यह चाइना मास्टर्स का तीसरा फाइनल था। इससे पहले भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 में उपविजेता रही थी, जबकि 2024 में वह सेमीफाइनल तक पहुंची थी। लगातार दो फाइनल हारने के बाद इस बार भारतीय जोड़ी ने खिताब जीतकर अपना इंतजार खत्म किया।

इस जीत के साथ सात्विक-चिराग ने चाइना मास्टर्स के इतिहास में भारत को पुरुष युगल का पहला खिताब दिलाया। यह टूर्नामेंट 2005 में शुरू हुआ था।

2026 में दूसरी बड़ी ट्रॉफी

चाइना मास्टर्स 2026 का खिताब सात्विक और चिराग की इस सीजन की दूसरी BWF World Tour Super 750 ट्रॉफी है। इससे पहले भारतीय जोड़ी ने सिंगापुर ओपन Super 750 का खिताब जीता था। वहीं, थाईलैंड ओपन Super 500 में उन्हें उपविजेता बनकर संतोष करना पड़ा था।

इस जीत के साथ सात्विक-चिराग ने हे जिटिंग और रेन शियांगयू के खिलाफ अपना हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 3-0 कर लिया। यानी दोनों जोड़ियों के बीच अब तक हुए तीनों मुकाबलों में भारतीय जोड़ी विजयी रही है।

पहले गेम में पिछड़ने के बाद वापसी, निर्णायक गेम में दबाव संभालना और चीन की धरती पर ऐतिहासिक खिताब जीतना—सात्विक-चिराग की यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए एक बड़ी उपलब्धि बन गई है।