लोकल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
सावन महीने की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। इस बार पहला सावन सोमवार 3 अगस्त को पड़ेगा। भक्त इस दिन शिवजी की विशेष पूजा और व्रत करते हैं।
हिंदू धर्म में सावन महीना बहुत पवित्र माना जाता है। यह भगवान शिव को समर्पित है। भक्त इस महीने में विधि से शिवजी की पूजा करते हैं। सोमवार को व्रत रखने की बड़ी मान्यता है। कहा जाता है कि इससे भोलेनाथ की कृपा मिलती है।
सावन कब शुरू और खत्म
पंचांग के अनुसार सावन 30 जुलाई गुरुवार से शुरू होगा। यह 28 अगस्त शुक्रवार को खत्म होगा। इस सावन में कुल चार सोमवार आएंगे। पहला सोमवार 3 अगस्त को है।
पहले सोमवार का शुभ मुहूर्त
सुबह का समय खास है। सूर्योदय सुबह 5 बजकर 43 मिनट पर होगा। अमृत चौघड़िया सुबह 5:43 से 7:24 तक रहेगा। शुभ चौघड़िया सुबह 9:05 से 10:46 तक है। लाभ चौघड़िया दोपहर 3:49 से 5:30 तक चलेगा।
शाम का समय भी महत्वपूर्ण है। सूर्यास्त शाम 7:11 पर होगा। अमृत चौघड़िया शाम 5:30 से 7:11 तक रहेगा। प्रदोष काल शाम 6:26 से 7:56 तक है। इस समय पूजा का विशेष फल माना जाता है।
पूजा कैसे करें
व्रती सुबह जल्दी उठें। स्नान करें। शिवलिंग पर जल चढ़ाएं। व्रत का संकल्प लें। शिवजी की कथा पढ़ें। शिव पुराण का पाठ करें। मंत्र का जाप करें। फिर व्रत शुरू करें।
घर में लकड़ी की चौकी पर साफ कपड़ा बिछाएं। शिवजी की मूर्ति रखें। विधि से पूजा करें।
शाम को प्रदोष काल में अभिषेक करें। दूध, दही, शहद, शक्कर और पवित्र जल से स्नान कराएं। बेलपत्र चढ़ाएं। फूल, धूप और दीप लगाएं। आरती करें।
रुद्राभिषेक का महत्व
सावन में रुद्राभिषेक करना बहुत शुभ माना जाता है। सभी सोमवार का व्रत विधि से रखने से अच्छा फल मिलता है। भक्त इस महीने में विशेष श्रद्धा से शिवजी की आराधना करते हैं।







