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सिंचाई परियोजनाओं पर मुख्य सचिव की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

स्टेट डेस्क, आकाश अस्थाना।

-मुख्य सचिव ने नार्थ कोयल जलाशय और मंडई वीयर परियोजनाओं की समीक्षा, तय समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश| मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने धीमी प्रगति वाले पैकेजों में मैनपावर और मशीनरी बढ़ाने के दिए निर्देश|

-नार्थ कोयल परियोजना में शेष भूमि अधिग्रहण अप्रैल–मई तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित| मार्च के अंत तक नार्थ कोयल परियोजना का 60 प्रतिशत कार्य पूर्ण करने का आश्वासन|

 
पटना। मुख्य सचिव, बिहार, प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में राज्य की दो महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं—'नार्थ कोयल जलाशय परियोजना' और 'मंडई वीयर परियोजना' की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जल संसाधन विभाग द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से दोनों परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति और प्रगति रिपोर्ट साझा की गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि आगामी भीषण गर्मी और मॉनसून सत्र को देखते हुए इन परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

सूखाग्रस्त क्षेत्रों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
समीक्षा के दौरान बताया गया कि नार्थ कोयल जलाशय परियोजना, जो बिहार के सूखाग्रस्त क्षेत्रों (औरंगाबाद और गया) के लिए वरदान साबित होगी, की कुल लंबाई 162 किलोमीटर है। औरंगाबाद और गया जी में 90% भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा कर लिया गया है। मुख्य सचिव ने शेष कार्य को औरंगाबाद में 30 अप्रैल तक और गया में मई माह तक अनिवार्य रूप से संपन्न करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। वैपकोस (WAPCOS) के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि मार्च माह के अंत तक परियोजना का 60% कार्य पूर्ण कर लिया जाएगा। समीक्षा में पाया गया कि संवेदक एजेंसियों—MSR Construction और Niyati Construction के अधीन पैकेज 8, 9, 10 और 11 में कार्य की गति अपेक्षाभुत धीमी है। मुख्य सचिव ने इन संवेदकों को कड़े निर्देश दिए कि वे मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर कार्य को तय समय सीमा में पूरा करें। मुख्य सचिव ने मुख्यालय स्तर के वरीय अधिकारियों को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करने और मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

नियमित स्थल निरीक्षण और मॉनिटरिंग के निर्देश
जहानाबाद, नालंदा और पटना जिले के कुछ प्रखंडों (क्रमशः मोदनगंज, एकंगरसराय और धनरूआ) को सिंचाई सुविधा प्रदान करने वाली 'मंडई वीयर परियोजना' (फल्गु नदी पर) की समीक्षा के दौरान संतोषजनक प्रगति पाई गई। जहानाबाद के जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि अब तक 73% भौतिक कार्य पूर्ण हो चुका है। परियोजना स्थल पर लेबर, भुगतान, मैनपावर या मशीनरी से संबंधित कोई समस्या नहीं है। रैयतों के मुआवजे का भुगतान भी सुचारू रूप से चल रहा है, जिससे कार्य की गति बाधित नहीं हुई है।

इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव श्री संतोष मल्ल, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी, वित्त विभाग के सचिव (संसाधन) श्री जय सिंह सहित गया, औरंगाबाद एवं जहानाबाद के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग/व्यक्तिगत रूप से शामिल हुए। इसके अतिरिक्त, संबंधित संवेदक और WAPCOS के वरिष्ठ प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।