सुप्रीम कोर्ट में याचिका: पश्चिम बंगाल चुनाव में यूपी के IPS अजय पाल शर्मा को हटाने की मांग
स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले में पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात उत्तर प्रदेश कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा की नियुक्ति को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने अधिकारी पर पक्षपातपूर्ण व्यवहार और राजनीतिक उम्मीदवारों को धमकाने का आरोप लगाया है।
याचिका कल रात अधिवक्ता आदित्य दास द्वारा दायर की गई। इसमें चुनाव आयोग की ओर से शर्मा की नियुक्ति को रद्द करने और चुनाव पर्यवेक्षकों की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
विवाद की जड़
अजय पाल शर्मा, जिन्हें उत्तर प्रदेश पुलिस में 'एनकाउंटर स्पेशलिस्ट' और 'सिंघम' के नाम से जाना जाता है, को हाल ही में दक्षिण 24 परगना के लिए पुलिस पर्यवेक्षक के रूप में तैनात किया गया। बीजेपी इकाई ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन करते हुए पोस्ट किया कि शर्मा ने टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर अली (या जहांगीर खान) के परिवार वालों को चेतावनी दी है। वीडियो में अधिकारी को कथित तौर पर कहते सुना गया कि अगर उनके लोग धमकियां या दबाव जारी रखेंगे तो सख्त कार्रवाई होगी।
टीएमसी ने इस नियुक्ति का विरोध किया और आरोप लगाया कि अधिकारी निष्पक्ष नहीं हैं। कल कलकत्ता हाईकोर्ट ने भी चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।
कानूनी आधार
याचिका में जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 20बी का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि चुनाव पर्यवेक्षक का काम चुनाव की निष्पक्ष निगरानी करना है। वे एक तटस्थ संस्थागत सुरक्षा कवच की भूमिका निभाते हैं, जिससे जनता का चुनाव प्रक्रिया में विश्वास बढ़ता है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि शर्मा का आचरण इस भूमिका के विपरीत है।
याचिका में दावा किया गया कि अधिकारी "अत्यधिक पक्षपाती" हैं और उन्होंने राजनीतिक उम्मीदवारों को धमकाया है, जिससे निष्पक्ष चुनाव पर सवाल उठ रहे हैं।
कौन हैं अजय पाल शर्मा?
अजय पाल शर्मा 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। मूल रूप से दंत चिकित्सक (डेंटिस्ट) होने के बाद उन्होंने पुलिस सेवा चुनी। उत्तर प्रदेश में विभिन्न जिलों जैसे जौनपुर, शामली, रामपुर और हाथरस में तैनाती के दौरान उन्होंने सख्त कानून व्यवस्था के लिए नाम कमाया। जौनपुर में एसपी रहते हुए उन्होंने 22 महीनों में 136 एनकाउंटर सहित कुल 500 से ज्यादा एनकाउंटर में भूमिका निभाई बताई जाती है। वर्तमान में प्रयागराज में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) के पद पर हैं।
चुनाव आयोग ने उन्हें दक्षिण 24 परगना की कुछ विधानसभा सीटों के लिए पर्यवेक्षक बनाया, जहां आज दूसरे चरण का मतदान हो रहा है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी ने शर्मा की तैनाती का स्वागत किया और कहा कि वे निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सख्ती बरत रहे हैं। वहीं टीएमसी ने इसे "बीजेपी का एजेंट" बताते हुए विरोध जताया। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद और बढ़ गया।
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका (डायरी नंबर 26135/2026) अभी सूचीबद्ध नहीं हुई है।
मुख्य बिंदु:
- याचिका में शर्मा को हटाने और निष्पक्ष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने की मांग।
- आरोप: धमकी और पक्षपात।
- पृष्ठभूमि: 2011 बैच आईपीएस, उत्तर प्रदेश कैडर, एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में चर्चित।
- संदर्भ: दक्षिण 24 परगना, फाल्टा क्षेत्र, जहांगीर अली से जुड़ा वीडियो।







