स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी |
चेन्नई। तमिलनाडु के 'ग्रीन स्कूलों' में रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन से ग्रिड बिजली की खपत प्रति स्कूल औसतन 46% कम हुई है, जिससे सालाना करीब 3,572 यूनिट बिजली की बचत हो रही है।
सालाना 26 हजार रुपये की बचत
राज्य सरकार की 'ग्रीन स्कूल' पहल अब 300 सरकारी स्कूलों तक फैल चुकी है, जो लगभग सभी जिलों को कवर करती है। इंडियन इंस्टीट्यूट फॉर ह्यूमन सेटलमेंट्स (आईआईएचएस) के सहयोग से तैयार इस प्रभाव अध्ययन में 97 स्कूलों का विश्लेषण किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रत्येक स्कूल में बिजली बिल पर सालाना औसतन 26 हजार रुपये की बचत हुई है, साथ ही साइट पर सोलर जनरेशन का अतिरिक्त लाभ मिला। अध्ययन में पाया गया कि आधे से ज्यादा भाग लेने वाले स्कूलों ने छात्रों के बीच जलवायु जागरूकता अभियान चलाए हैं।
अगर इस मॉडल को सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जाए, तो बिजली बचत से सरकारी और सहायता प्राप्त शैक्षणिक संस्थानों तथा अस्पतालों की मौजूदा बिजली खपत का 91% तक ऑफसेट हो सकता है।
जलवायु शिक्षा को बढ़ावा
अध्ययन रिपोर्ट के जारी होने के साथ ही तमिलनाडु जलवायु परिवर्तन मिशन के तहत जलवायु शिक्षा पहल शुरू की गई। वित्त एवं पर्यावरण मंत्री थंगम थेन्नारासु और स्कूल शिक्षा मंत्री अंबिल महेश पोय्यामोझी ने इस रिपोर्ट को जारी किया। एक 'ट्रेनिंग ऑफ टीचर्स' मॉड्यूल जारी किया गया, साथ ही स्कूल शिक्षकों के लिए प्रमाणित आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई।
यह कार्यक्रम सभी 38 जिलों से 4,000 शिक्षकों को जलवायु राजदूत के रूप में प्रशिक्षित करेगा, जिसमें कम से कम 50% सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों से होंगे। पहला बैच 210 शिक्षकों का सेलम में 20 जनवरी से शुरू होगा।
कूल रूफ से गर्मी पर काबू
राज्य ने कूल रूफ पहल को भी विस्तार दिया, जो कक्षाओं में बढ़ती गर्मी से निपटने के लिए है। कई कंक्रीट छत वाले स्कूलों में गर्मियों में अंदर का तापमान 38-40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है, जो छात्रों की पढ़ाई को प्रभावित करता है।
चेन्नई के अंबत्तूर में पंथलाइवर कमराजर गवर्नमेंट गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में पायलट प्रोजेक्ट से कक्षाओं में औसतन 3-4 डिग्री सेल्सियस की कमी आई, जबकि छत की सतह पर 4-5 डिग्री की गिरावट दर्ज हुई। स्कूल घंटों में तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा।
इस रोलआउट के तहत, चेन्नई के शेनॉय नगर में गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल और थिरुवनमीयुर में हायर सेकेंडरी स्कूल में कूल रूफ का उद्घाटन किया गया। अंबत्तूर के कमराजर स्कूल और तिरुवल्लुर जिले के कोल्लुमेदु गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल को ग्रीन स्कूल प्रमाणपत्र दिए गए।
डिजाइन रणनीतियां पर जोर
दो अन्य प्रकाशन भी जारी किए गए, जिनमें से एक यूनाइटेड नेशंस एनवायरनमेंट प्रोग्राम (यूएनईपी) के साथ विकसित स्कूलों में पैसिव कूलिंग को बढ़ाने पर है, जबकि दूसरा छायांकन, वेंटिलेशन और हरियाली जैसी डिजाइन रणनीतियों पर केंद्रित है, जो थर्मल आराम बढ़ाने और ऊर्जा मांग कम करने में मदद करेंगी।
कार्यक्रम में पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन एवं वन विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग, आईआईएचएस और यूएनईपी के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।







