स्टेट डेस्क, वेरॉनिका राय |
सिरसा नागरिक अस्पताल के शौचालय में नाबालिग ने दिया बच्चे को जन्म, नवजात सुरक्षित, पीड़िता की हालत स्थिर
सिरसा: हरियाणा के सिरसा जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नागरिक अस्पताल के शौचालय में एक नाबालिग ने नवजात बच्चे को जन्म दिया। प्रसव के बाद नवजात को शौचालय में छोड़ दिया गया, लेकिन समय रहते अस्पताल स्टाफ की सतर्कता से बच्चे की जान बचा ली गई। फिलहाल नवजात और नाबालिग मां, दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।
सोमवार दोपहर नागरिक अस्पताल में यह मामला उस समय सामने आया, जब शौचालय का उपयोग करने गई एक महिला ने वहां नवजात शिशु को देखा। महिला ने तुरंत एमसीएच वार्ड के स्टाफ को सूचना दी। स्टाफ ने मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक उपचार के बाद उसे एसएनसीयू (स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट) में भर्ती कराया।
उधर, प्रसव के बाद नाबालिग की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उसे अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा। परिजन उसे अस्पताल से ले जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हालत गंभीर होने पर उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया। गायनी चिकित्सक ने स्थिति को देखते हुए तुरंत ऑपरेशन थिएटर में ले जाकर उपचार किया। उपचार के बाद नाबालिग की हालत में सुधार हुआ और फिलहाल वह खतरे से बाहर है।
नवजात की हालत भी खतरे से बाहर
शिशु रोग विशेषज्ञ के अनुसार नवजात का वजन करीब 2 किलो 450 ग्राम है। उसे बिना ऑक्सीजन के एसएनसीयू में रखा गया है और नियमित रूप से दूध पिलाया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे की सेहत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रिश्तेदार पर दुष्कर्म का आरोप
अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की सूचना पुलिस और बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) को दे दी है। पीड़िता बड़ागुढ़ा थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है। मंगलवार को पुलिस टीम ने नाबालिग के बयान दर्ज किए। बाल कल्याण समिति को दिए बयान में पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके एक रिश्तेदार ने ही उसके साथ दुष्कर्म किया था और किसी को इस बारे में बताने से मना किया था।
पीड़िता ने बताया कि सोमवार को पेट दर्द की शिकायत होने पर वह अपनी मां के साथ नागरिक अस्पताल पहुंची थी, जहां यह पूरी घटना सामने आई। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।







