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हाजीपुर-सुगौली रेल परियोजना, मुआवजे के लिए 20 मार्च तक आवेदन

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

  • कल्याणपुर, अरेराज, संग्रामपुर, केसरिया, हरसिद्धि और कोटवा अंचल के दर्जनों मौजों के रैयतों को अपने आवश्यक दस्तावेज जमा करने का अंतिम अवसर।

पूर्वी चंपारण: हाजीपुर-सुगौली नई रेल लाइन निर्माण परियोजना के तहत अधिग्रहित भूमि के मालिकों (रैयतों) के लिए जिला भू-अर्जन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण ने महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन रैयतों की जमीन सिसवा पटना, खजुरिया, बरवा, मुरली खास, बीजधरी, लोहरगावां, सेवराहों, दुधही, घीवाढ़ार, चड़रहिया, अमवा और अहिरौलिया जैसे मौजों में अधिग्रहित की गई है, वे अपनी मुआवजा राशि प्राप्त करने के लिए तत्काल दावा पेश करें। पूर्व में नोटिस दिए जाने के बावजूद कई रैयतों ने अब तक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए हैं, जिसके कारण उनके भुगतान लंबित हैं।

दस्तावेजों की सूची और प्रक्रिया

मुआवजा प्राप्त करने के इच्छुक रैयतों को स्वयं या अपने अधिकृत एजेंट के माध्यम से जिला भू-अर्जन कार्यालय में संपर्क करना होगा। आवेदन के साथ स्व-अभिप्रमाणित एलपीसी, मालगुजारी रसीद, खतियान, केवाला, 200 का बंध पत्र, शपथ पत्र, पारिवारिक सूची, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और अंचल से प्राप्त खेसरा प्रपत्र की प्रतियां जमा करना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया किसी भी कार्य दिवस में पूरी की जा सकती है।

अंतिम तिथि के बाद सक्षम प्राधिकार को भेजी जाएगी राशि

भू-अर्जन विभाग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि यदि संबंधित रैयत 20 मार्च 2026 तक अपना दावा और वांछित कागजात पेश नहीं करते हैं, तो यह मान लिया जाएगा कि उन्हें निर्धारित मुआवजा स्वीकार नहीं है। ऐसी स्थिति में, भूमि अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 64 एवं 77(2) के तहत प्रतिकर की संपूर्ण राशि सक्षम प्राधिकार को संदर्भित कर दी जाएगी। इसके बाद मुआवजे की प्रक्रिया और अधिक जटिल हो सकती है, अतः रैयतों को समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा करने की सलाह दी गई है।