Ad Image
Ad Image
अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

हाथियों का तांडव: एक ही परिवार के चार लोगों समेत 6 को कुचला

नेशनल डेस्क, श्रेया पाण्डेय |

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से एक बेहद मार्मिक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। चुरचू प्रखंड के गोंदवार गांव में गुरुवार की देर रात हाथियों के एक झुंड ने जमकर उत्पात मचाया, जिसमें छह ग्रामीणों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। इस घटना ने एक बार फिर जंगली हाथियों और इंसानों के बीच बढ़ते संघर्ष और वन विभाग की सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

आधी रात को मौत बनकर आया हाथियों का झुंड

प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, घटना रात के लगभग एक से दो बजे के बीच की है। जब पूरा गांव गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी करीब पांच हाथियों का एक झुंड जंगल से निकलकर आबादी वाले क्षेत्र में घुस आया। हाथियों ने सबसे पहले कच्चे मकानों को निशाना बनाना शुरू किया। हाथियों के चिंघाड़ने और घरों के टूटने की आवाज सुनकर जब तक लोग संभल पाते और अपनी जान बचाने के लिए बाहर भागते, हाथी उन पर काल बनकर टूट पड़े।

एक ही आंगन में उठी चार अर्थियां

इस हमले की सबसे दुखद बात यह रही कि एक ही परिवार के चार सदस्यों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि हाथी ने कच्चे घर की दीवार ढहा दी और भीतर सो रहे लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। चीख-पुकार सुनकर जो लोग मदद के लिए दौड़े या भागने की कोशिश की, उन्हें भी हाथियों ने कुचल दिया। इस हमले में कुल छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों के क्षत-विक्षत शवों को देखकर पूरे गांव का कलेजा मुंह को आ गया है। सुबह होते ही गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्रशासन और वन विभाग के प्रति आक्रोश

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन उन्हें ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों का झुंड पिछले कई दिनों से इस इलाके में विचरण कर रहा था, लेकिन वन विभाग ने उन्हें खदेड़ने या ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए। वन विभाग द्वारा समय पर "एलिफेंट ट्रैकिंग" और सूचना तंत्र का सही इस्तेमाल न होना इस बड़ी जनहानि का मुख्य कारण माना जा रहा है।

मुआवजे की मांग और सुरक्षा का डर
 
झारखंड में हाथियों का हमला कोई नई बात नहीं है, लेकिन एक साथ छह लोगों की मौत ने प्रशासन को हिला कर रख दिया है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल सहायता राशि और सरकारी प्रावधानों के तहत मुआवजे का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि पैसा किसी की जान वापस नहीं ला सकता। उन्हें स्थायी सुरक्षा चाहिए। वर्तमान में गोंदवार और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है और लोग डर के मारे अपने घरों से बाहर निकलने में कतरा रहे हैं।