नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
मालदा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को हावड़ा से गुवाहाटी के बीच चलने वाली देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत को जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और यह ट्रेन पूर्वी भारत को आधुनिक रेल कनेक्टिविटी से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत स्लीपर ट्रेन आधुनिक भारत की बढ़ती परिवहन जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ यात्रियों को किफायती किराए पर एयरलाइन जैसी सुविधा प्रदान करेगी। यह ट्रेन लंबी दूरी की यात्राओं को न केवल तेज बनाएगी, बल्कि उन्हें अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक भी बनाएगी। हावड़ा–गुवाहाटी (कामाख्या) रूट पर यह ट्रेन यात्रा का समय लगभग 2.5 घंटे तक कम करेगी और पूरा सफर करीब 14 घंटे में तय करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों से संवाद भी किया और कहा कि एक समय था जब लोग विदेशों की आधुनिक ट्रेनों को देखकर सोचते थे कि भारत में भी ऐसी ट्रेनें हों, लेकिन आज वह सपना साकार हो रहा है। उन्होंने बताया कि यह ट्रेन मां दुर्गा और मां कामाख्या की भूमि को जोड़ने का कार्य करेगी, जिससे धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
रेल मंत्रालय के अनुसार, यह देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है, जिसे विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्राओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है। इस ट्रेनसेट में कुल 16 वातानुकूलित कोच हैं, जिनमें 1 एसी फर्स्ट क्लास, 4 एसी टू-टियर और 11 एसी थ्री-टियर कोच शामिल हैं। ट्रेन की कुल यात्री क्षमता लगभग 823 यात्रियों की है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्वदेशी तकनीक से तैयार इस ट्रेन ने कोटा–नागदा रूट पर किए गए हाई-स्पीड ट्रायल के दौरान 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार हासिल की है। इससे यह स्पष्ट होता है कि भारत अब रेल निर्माण और तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका और यूरोप जैसे देशों को टक्कर दे रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज देश में 150 से अधिक वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं, जिनसे गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को सबसे अधिक लाभ मिल रहा है। यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है।







