एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा |
अभिनेता मनीष पॉल ने अपनी हालिया फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की शूटिंग से जुड़े अनुभव साझा करते हुए बताया कि फिल्म में दिखाई गई हास्यपूर्ण गलतफहमियों और मनोरंजक दृश्यों को पर्दे पर सहज बनाने के लिए पूरी टीम को घंटों अभ्यास और कड़ी मेहनत करनी पड़ी।
मनीष पॉल ने कहा कि फिल्म की कहानी में हास्य, भ्रम और गलत पहचान जैसी स्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। दर्शकों को ये दृश्य भले ही स्वाभाविक और आसान लगें, लेकिन इनके पीछे कलाकारों और तकनीकी टीम की लंबी तैयारी शामिल थी। उन्होंने बताया कि हर दृश्य की टाइमिंग, संवादों की प्रस्तुति और कलाकारों की प्रतिक्रियाओं पर विशेष ध्यान दिया गया, ताकि कॉमेडी का प्रभाव दर्शकों तक सही तरीके से पहुंच सके।
अभिनेता के अनुसार, फिल्म में कई ऐसे दृश्य हैं जहां एक छोटी-सी गलती भी पूरे दृश्य की लय को प्रभावित कर सकती थी। इसलिए कलाकारों ने बार-बार रिहर्सल कर प्रत्येक सीन को बेहतर बनाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि कॉमेडी शैली में काम करना चुनौतीपूर्ण होता है, क्योंकि इसमें सटीक टाइमिंग और टीमवर्क की सबसे अधिक आवश्यकता होती है।
मनीष पॉल ने शूटिंग के दौरान के माहौल को याद करते हुए कहा कि सेट पर लगातार ऊर्जा और उत्साह बना रहता था। हालांकि कई बार कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक काम करना पड़ता था, लेकिन पूरी टीम का सहयोग और सकारात्मक माहौल इस प्रक्रिया को आसान बना देता था।
फिल्म को दर्शकों से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। इसकी कहानी में हास्य, गलतफहमियों और मनोरंजक घटनाक्रमों का मिश्रण देखने को मिलता है, जिसने पारंपरिक बॉलीवुड कॉमेडी के प्रशंसकों का ध्यान आकर्षित किया है। मनीष पॉल का मानना है कि दर्शकों का प्यार और सराहना पूरी टीम की मेहनत का सबसे बड़ा पुरस्कार है।
फिल्म के निर्माता और कलाकारों को उम्मीद है कि दर्शक आगे भी इस मनोरंजक कहानी को भरपूर समर्थन देंगे और फिल्म का हास्यपूर्ण अंदाज उन्हें सिनेमाघरों तक खींचकर लाएगा।







