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हॉर्मुज संकट पर ट्रंप का बयान, देशों से युद्धपोत भेजने की अपील

विदेश डेस्क, ऋषि राज

वॉशिंगटन: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री मार्ग बाधित होने की आशंकाओं के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रभावित देशों से सामूहिक कदम उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित और खुला रखने के लिए कई देशों को फारस की खाड़ी में अपने युद्धपोत भेजने चाहिए।

ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। यदि यह मार्ग लंबे समय तक बंद रहता है या बाधित होता है, तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर रूप से पड़ सकता है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर कर दिया है और क्षेत्र में सुरक्षा बनाए रखने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित और खुला रखने के लिए केवल अमेरिका का प्रयास पर्याप्त नहीं है, बल्कि अन्य देशों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए।

उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन सहित कई देशों का नाम लेते हुए कहा कि इन देशों को भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में अपने नौसैनिक जहाज भेजने चाहिए। ट्रंप के अनुसार, यह एक सामूहिक प्रयास होना चाहिए ताकि इस रणनीतिक जलमार्ग से गुजरने वाले तेल और अन्य व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि अमेरिका इस मिशन में सहयोग करने वाले देशों को हर संभव सहायता देगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका इन देशों के साथ समन्वय बनाकर काम करेगा ताकि स्थिति जल्द सामान्य हो सके और अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रभावित न हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। दुनिया के कई देश इस मार्ग से तेल आयात पर निर्भर हैं। यदि यह मार्ग बाधित होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।

फिलहाल पश्चिम एशिया में जारी तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में अमेरिका और अन्य देशों की रणनीतिक गतिविधियां यह तय करेंगी कि क्षेत्र में हालात सामान्य होंगे या तनाव और बढ़ सकता है।