विदेश डेस्क, ऋषि राज।
तेहरान। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर किसी प्रकार की चुंगी या टैक्स वसूलने की खबरों को खारिज करते हुए कहा है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर कोई शुल्क लगाने की योजना नहीं बना रहा है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने सोमवार को कहा कि ईरान का उद्देश्य समुद्री व्यापार को बाधित करना नहीं, बल्कि क्षेत्र में सुरक्षित और व्यवस्थित आवाजाही सुनिश्चित करना है।
प्रवक्ता बघाई ने कहा कि कुछ पश्चिमी देशों और अमेरिकी अधिकारियों द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग मानता है और यहां से गुजरने वाले जहाजों से किसी प्रकार की चुंगी वसूलने का प्रयास नहीं कर रहा है।
उन्होंने बताया कि ईरान इस समुद्री क्षेत्र में आवाजाही को बेहतर ढंग से नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ओमान के साथ मिलकर नई व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है। इसके रखरखाव और निगरानी में होने वाले खर्च को लेकर सहयोगात्मक मॉडल तैयार किया जा रहा है।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव या प्रतिबंध अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकता है।
पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण इस समुद्री मार्ग को लेकर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ी हुई है। पश्चिमी देशों को आशंका थी कि ईरान इस मार्ग का इस्तेमाल रणनीतिक दबाव बनाने के लिए कर सकता है। हालांकि ईरान ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज किया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ईरान का यह बयान वैश्विक बाजारों और ऊर्जा आयातक देशों को आश्वस्त करने की कोशिश है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि होर्मुज क्षेत्र में स्थिरता बनी रहती है तो इससे तेल कीमतों और समुद्री व्यापार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।







