Ad Image
Ad Image
पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया || PM के आवास के बाहर पेपर लीक और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को लेकर धरने पर राहुल गांधी || PM मोदी के आवास के बाहर धरने पर राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सभी दिग्गज || अमेरिकी और ईरान के बीच प्रारंभिक समझौता, 60 दिन का सीजफायर लागू || अमेरिकी सेंट्रल कमान की घोषणा, ईरान की नाकेबंदी समाप्त || ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

11 साल पुराने कोयला घोटाला केस में मनमोहन सिंह को SC से क्लीन चिट

नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के खिलाफ चल रही कार्यवाही समाप्त कर दी है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के समन आदेश को रद्द करते हुए सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। इससे 11 साल पुराने इस मामले का अंत हो गया।

तलाबीरा-2 कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा था मामला

यह मामला यूपीए सरकार के दौरान ओडिशा के तलाबीरा-2 कोल ब्लॉक के हिंडाल्को इंडस्ट्रीज को आवंटन से जुड़ा था। उस समय मनमोहन सिंह के पास प्रधानमंत्री के साथ-साथ कोयला मंत्रालय का भी प्रभार था।

2015 में ट्रायल कोर्ट ने भेजा था समन

सीबीआई ने जांच के बाद क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की थी, लेकिन 2015 में दिल्ली की ट्रायल कोर्ट ने उसे स्वीकार नहीं किया और मनमोहन सिंह, उद्योगपति कुमार मंगलम बिरला, पूर्व कोयला सचिव पी.सी. पारख समेत अन्य लोगों को समन जारी कर दिया।

ट्रायल कोर्ट का कहना था कि मामले में सुनवाई आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने समन पर लगाई थी रोक

मनमोहन सिंह ने ट्रायल कोर्ट के समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उनका कहना था कि जब सीबीआई को मुकदमा चलाने लायक सबूत नहीं मिले, तो ट्रायल कोर्ट का संज्ञान लेना गलत था। सुप्रीम कोर्ट ने अप्रैल 2015 में समन पर रोक लगा दी थी। इसके बाद मामला लंबे समय तक लंबित रहा।

11 साल बाद खत्म हुआ मामला

दिसंबर 2024 में मनमोहन सिंह के निधन के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले का निपटारा करते हुए ट्रायल कोर्ट का समन रद्द कर दिया और सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार कर ली। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री के खिलाफ यह मामला पूरी तरह समाप्त हो गया।