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20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश का शपथ ग्रहण

स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।

20 नवंबर को गांधी मैदान में नीतीश कुमार शपथ लेंगे। बीजेपी और जेडीयू से 16-16 मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी समारोह में उपस्थित रहेंगे।

बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। बीजेपी-जेडीयू के मंत्रियों का बंटवारा लगभग बराबर, यानी 16-16 रहने की चर्चा है। लोजपा (आर) से 2 और हम व रालोमो से 1-1 मंत्री बनाए जा सकते हैं।

आज सुबह 11:30 बजे नीतीश सरकार की मौजूदा कैबिनेट की अंतिम बैठक होगी, जिसमें विधानसभा भंग करने का प्रस्ताव पास किया जाएगा। इसके बाद नीतीश कुमार राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंपेंगे और नई सरकार बनाने का दावा भी पेश करेंगे। 20 नवंबर को वे 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। गांधी मैदान में शपथ समारोह की तैयारियां चल रही हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति की पुष्टि भी है।

मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू विधायक दल की अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें सभी विधायकों को भाग लेना है। नतीजों के बाद से मुख्यमंत्री निवास पर नेताओं का आना-जाना जारी है।

दिल्ली और पटना दोनों जगह सरकार गठन की कवायद जारी रही। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की बैठक हुई, जिसमें बिहार सरकार के गठन, कैबिनेट के स्वरूप और नेतृत्व को लेकर चर्चा हुई। दूसरी ओर, पटना में भाजपा, लोजपा (आर), हम और रालोमो के नेताओं ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। एनडीए के सभी सहयोगी दल पहले अपने-अपने विधायक दल के नेता चुनेंगे और फिर संयुक्त बैठक में नीतीश कुमार को नेता चुना जाएगा। यह प्रक्रिया मंगलवार को पूरी होगी। इसके बाद नीतीश सरकार गठन का दावा करेंगे और नए मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे। यह उनका 10वां कार्यकाल होगा, जो एक रिकॉर्ड है।

कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। शपथ में कितने मंत्री शामिल होंगे, इस पर दो तरह की बातें हैं - या तो केवल मुख्यमंत्री शपथ लेंगे या फिर मुख्यमंत्री, दो उपमुख्यमंत्री और 20 मंत्री शपथ ले सकते हैं। बिहार में कुल 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। जेडीयू से मुख्यमंत्री सहित 16 और भाजपा से 2 डिप्टी सीएम सहित 16 मंत्रियों की चर्चा है। यह भी कहा जा रहा है कि लोजपा (आर) से डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है। लोजपा (आर) से 2 और हम व रालोमो से 1-1 मंत्री बनने की संभावना है।

चुनाव आयोग ने बिहार में आचार संहिता समाप्त होने की घोषणा कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजीयाल ने 243 नवनिर्वाचित विधायकों की सूची राज्यपाल को सौंप दी। अब सरकार गठन की प्रक्रिया सुचारू रूप से आगे बढ़ सकेगी।

गांधी मैदान में 17 से 20 नवंबर तक आम लोगों की एंट्री बंद रहेगी। शपथ समारोह की तैयारियां शुरू हैं, जिसमें पीएम मोदी, कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री और एनडीए के बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। कार्यक्रम के लिए 3-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था होगी और लगभग 500 जवानों की तैनाती की जाएगी, जिसमें केंद्रीय बल भी शामिल रहेंगे।

वर्तमान विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर को खत्म हो रहा है, इसलिए नई विधानसभा की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

बिहार चुनाव में एनडीए को भारी बहुमत मिला है। गठबंधन ने 202 सीटें हासिल कीं, जो उम्मीद से अधिक हैं। एग्जिट पोल भी 200 के पार नहीं गए थे, लेकिन जनता ने एनडीए को रिकॉर्ड बढ़त दिलाई। महागठबंधन सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। राजद का ‘MY (मुस्लिम-यादव) समीकरण’ कमजोर पड़ा, खासकर सीमांचल में मुसलमानों ने AIMIM को ज्यादा तरजीह दी।

‘जनसुराज’ का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा और उसके 99% उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। यह नतीजे काफी हद तक 2010 चुनाव जैसे रहे। तब जेडीयू 115 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी और भाजपा ने 91 सीटें जीती थीं। इस बार भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि जेडीयू दूसरे स्थान पर है। तब की तरह इस बार भी दोनों दल साथ मिलकर लड़े, लेकिन अबकी सीटें बराबर (101-101) थीं। चिराग, मांझी और कुशवाहा की पार्टियों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।