लोकल डेस्क, राजीव कु. भारती ।
सीवान । दारौंदा प्रखंड में आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन को लेकर आधारभूत संरचना की स्थिति सामने आई है। प्रखंड में संचालित कुल 215 आंगनबाड़ी केंद्रों में 137 केंद्र फिलहाल किराये के भवन में संचालित हो रहे हैं। यानी करीब 64 प्रतिशत केंद्रों के पास अपना स्थायी भवन उपलब्ध नहीं है। बड़ी संख्या में केंद्रों के किराये के भवन पर निर्भर रहने से इनके लिए स्थायी आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने की आवश्यकता सामने आई है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और अन्य जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को विभिन्न योजनाओं का लाभ भी केंद्रों के माध्यम से दिया जाता है। ऐसे में केंद्रों के लिए पर्याप्त जगह, सुविधाजनक भवन और बेहतर वातावरण की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है।
किराये के भवनों पर संचालन की मजबूरी
प्रखंड के 215 केंद्रों में 137 का संचालन किराये के भवन में होना इस बात को दर्शाता है कि बड़ी संख्या में केंद्रों को अभी स्थायी भवन का इंतजार है। सरकारी भवन उपलब्ध होने से केंद्रों के संचालन में सहूलियत बढ़ने के साथ बच्चों, महिलाओं और अन्य लाभार्थियों को भी बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।
भवन समेत अन्य सुविधाओं का जुटाया जा रहा ब्योरा
विभागीय स्तर पर आंगनबाड़ी केंद्रों के भवन, भूमि, उपकरण और अन्य सुविधाओं की स्थिति का ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसी प्रक्रिया में किराये के भवन में संचालित केंद्रों की संख्या भी सामने आई है। अब इन केंद्रों के लिए स्थायी भवन उपलब्ध कराने की दिशा में पहल होने की उम्मीद है। स्थायी भवन मिलने से आंगनबाड़ी सेवाओं के संचालन को मजबूती मिलने के साथ केंद्रों की आधारभूत सुविधाओं में भी सुधार हो सकेगा।







