Ad Image
Ad Image
ईरान - अमेरिका में टकराव चरम पर, नए हमलों से सीजफायर पर लग सकता ब्रेक || जापान: तूफान जोंगमी ने मचाई तबाही, 60 हजार से अधिक घरों में बिजली गुल || जयराम रमेश ने लिखा पत्र, ग्रेट निकोबार परियोजना पर पुनर्विचार की अपील || नई दिल्ली के मालवीय नगर स्थित रेस्टोरेंट में आग से 20 की मौत, दर्जनों घायल || ट्रंप ने कहा, खाड़ी देशों की अपील पर ईरान पर हमले बंद किए गए || अदाणी समूह को अमेरिका से क्लीनचिट, आपराधिक मामलों में राहत || राहुल गांधी ने कहा, देश में बड़ा आर्थिक संकट आने वाला, आम आदमी होगा परेशान || भारत और नार्वे के बीच कुल 9 समझौतों पर हस्ताक्षर, बेहतर सहयोग की पहल: मोदी || अहमदाबाद - मुंबई हाईवे पर दर्दनाक सड़क हादसा, 12 की मौत 25 से ज्यादा घायल || राष्ट्रपति ट्रंप का दावा: समझौते के लिए ईरान बेताब, ईरान का इनकार

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

26/11 के अनसुने नायकों को समर्पित ‘भारत भाग्य विधाता’, कंगना ने निभाई नर्स की भूमिका

एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा |

अभिनेत्री कंगना रनौत की फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। यह फिल्म 26/11 मुंबई आतंकी हमलों के दौरान कामा अस्पताल में कार्यरत डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्यकर्मियों के साहस तथा समर्पण की कहानी को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करती है।

फिल्म का निर्देशन मनोज तापड़िया ने किया है। कहानी उन स्वास्थ्यकर्मियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्होंने 26/11 हमलों के दौरान अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की थी। फिल्म विशेष रूप से उन अनसुने नायकों को श्रद्धांजलि देती है, जिनके योगदान पर अपेक्षाकृत कम चर्चा हुई है।

फिल्म में कंगना रनौत एक नर्स की भूमिका निभा रही हैं। यह किरदार वास्तविक घटनाओं और कामा अस्पताल की नर्स अंजलि कुलथे के साहसिक कार्यों से प्रेरित बताया जाता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों के दौरान अंजलि कुलथे ने कई मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

‘भारत भाग्य विधाता’ केवल आतंकवादी हमलों की कहानी नहीं है, बल्कि यह कर्तव्यनिष्ठा, मानवता और संकट की घड़ी में दिखाई गई बहादुरी को भी सामने लाती है। फिल्म में अस्पताल के भीतर घटित घटनाओं और स्वास्थ्यकर्मियों के संघर्ष को भावनात्मक और संवेदनशील तरीके से दिखाने का प्रयास किया गया है।

रिलीज के बाद फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कई दर्शकों और समीक्षकों ने फिल्म के विषय और इसके भावनात्मक पक्ष की सराहना की है। विशेष रूप से 26/11 के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की भूमिका को प्रमुखता से दिखाने के प्रयास को सराहा जा रहा है।

फिल्म उन लोगों की कहानी को सामने लाती है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा। इसी वजह से ‘भारत भाग्य विधाता’ को केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि साहस, सेवा और मानवता को समर्पित श्रद्धांजलि के रूप में भी देखा जा रहा है।