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3.27 करोड़ यात्रियों की ट्रेन यात्रा रुकी: टिकट कन्फर्मेशन का संकट गहराया

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी |

भारतीय रेलवे के सामने एक अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। 2024-25 में 3.27 करोड़ यात्री टिकट कन्फर्म न होने के कारण ट्रेन से यात्रा नहीं कर पाए। यह चौंकाने वाला खुलासा हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट से हुआ है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का केंद्र बन गया है। त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग और सीमित संसाधनों ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है।

वेटिंग लिस्ट का बढ़ता दबाव

रिपोर्ट के मुताबिक, 2024-25 में 3.27 करोड़ यात्रियों के टिकट वेटिंग लिस्ट में अटके रहने के कारण कन्फर्म नहीं हो सके, जिससे उनके टिकट स्वतः रद्द हो गए। यह आंकड़ा पिछले कुछ वर्षों की तुलना में काफी अधिक है। 2022-23 में 1.76 करोड़ पीएनआर पर 2.72 करोड़ यात्री प्रभावित हुए थे, जबकि 2021-22 में यह संख्या 1.06 करोड़ पीएनआर और 2020-21 में 38.89 लाख पीएनआर तक सीमित थी। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़भाड़ और बुकिंग सिस्टम में सुधार की कमी इसके पीछे की बड़ी वजह है।

रेलवे के बड़े कदम

इस गंभीर समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने कई अहम बदलाव किए हैं। 1 नवंबर 2024 से एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया गया है, ताकि कैंसिलेशन और सीट बर्बादी पर लगाम लगे। इसके अलावा, 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग में बड़ा बदलाव लागू होगा—अब केवल आधार-प्रमाणित यूजर्स ही तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे, और पहले 30 मिनट तक एजेंट्स की बुकिंग पर रोक होगी।

इमरजेंसी कोटा के लिए भी नई शर्तें लागू की गई हैं—अब आवेदन ट्रेन प्रस्थान से एक दिन पहले करना होगा। वेटिंग टिकट धारकों के लिए सख्ती बढ़ाई गई है; अब वे स्लीपर या AC कोच में यात्रा नहीं कर सकेंगे, और चार्ट प्रस्थान से 24 घंटे पहले तैयार होगा। साथ ही, ट्रेन छूटने से पहले खाली सीटों पर करंट टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू की गई है।

कालाबाजारी पर शिकंजा

रेलवे ने टिकट कालाबाजारी और फर्जीवाड़े पर कड़ा प्रहार किया है। हाल ही में 2.5 करोड़ से अधिक संदिग्ध IRCTC यूजर आईडी को निष्क्रिय कर दिया गया है। यह कदम टिकट बुकिंग प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और यात्रियों को राहत देने की दिशा में उठाया गया है। खासकर त्योहारी सीजन में कालाबाजारी चरम पर पहुंच जाती है, जिसे रोकने के लिए ये कदम अहम माने जा रहे हैं।

यात्रियों के लिए नई सलाह

यात्रियों को अब अपनी यात्रा की योजना पहले से बनानी होगी। 60 दिन के भीतर टिकट बुक करना अब अनिवार्य हो गया है। तत्काल या करंट टिकट बुकिंग आपात स्थिति में कारगर साबित हो सकती है। साथ ही, IRCTC ऐप या वेबसाइट पर आधार-प्रमाणित अकाउंट का उपयोग करने की सलाह दी जा रही है ताकि बुकिंग प्रक्रिया में आसानी हो।

भविष्य की योजना

रेलवे ने वेटिंग लिस्ट की समस्या को जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। अगले 5-6 वर्षों में इस दिशा में बड़े बदलाव की उम्मीद है। अधिक ट्रेनों और बेहतर बुनियादी ढांचे की जरूरत को रेखांकित करते हुए, रेलवे इस संकट से निपटने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है।

हाई-प्रोफाइल बदलाव की सुर्खियां

इन बदलावों ने यात्रियों और विशेषज्ञों के बीच हलचल मचा दी है। तत्काल टिकट नियम और आधार प्रमाणीकरण की अनिवार्यता ने चर्चा को और गर्म कर दिया है। सोशल मीडिया पर लोग इन बदलावों को लेकर अपनी राय खुलकर रख रहे हैं, वहीं कुछ इसे यात्रियों के लिए राहत तो कुछ इसे नई परेशानी मान रहे हैं।

तस्वीर का संदेश

रिपोर्ट के साथ जारी तस्वीर में एक ट्रेन हरी-भरी पटरियों पर दौड़ती दिख रही है, जो रेलवे की व्यस्तता और चुनौतियों का प्रतीक है। यह दृश्य इस बात की ओर इशारा करता है कि देश की जीवनरेखा मानी जाने वाली रेलवे को इन समस्याओं से उबरने के लिए तत्काल कदम उठाने होंगे।