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4 साल बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भुवनेश्वर की वापसी

स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।

नई दिल्ली । भुवनेश्वर कुमार का टीम इंडिया में लौटना मुश्किल नजर आ रहा था, उन्होंने 36 की उम्र में फिर दरवाजा खटखटा दिया है। IPL 2026 में 28 विकेट लेकर भुवी ने ऐसा प्रदर्शन किया कि चयनकर्ताओं को एक बार फिर इस अनुभवी तेज गेंदबाज पर भरोसा करना पड़ा। न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भुवनेश्वर की वापसी हुई है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि भुवी ने भारत के लिए आखिरी मैच भी न्यूजीलैंड के खिलाफ ही खेला था। 22 नवंबर 2022 को नेपियर में खेले गए उस मुकाबले के बाद वह करीब चार साल तक टीम इंडिया से बाहर रहे। अब कहानी वहीं से फिर शुरू हो रही है।

28 विकेट और बदल गई पूरी कहानी

IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर ने 16 मैच खेले और 28 विकेट झटके। उनका गेंदबाजी औसत 17.89 और इकॉनमी रेट 7.95 रहा।

आंकड़े सिर्फ विकेटों तक सीमित नहीं हैं। पावरप्ले में भुवी ने 34 ओवर डाले और 17 विकेट अपने नाम किए। इस दौरान उनकी इकॉनमी 6.94 रही। डेथ ओवरों में भी उन्होंने 18 ओवर में 9 विकेट लिए।

यानी भुवी ने सिर्फ विकेट नहीं निकाले, बल्कि अलग-अलग चरणों में अपनी उपयोगिता दिखाई।

रफ्तार से ज्यादा दिमाग लगाया

भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से स्विंग रही है। लेकिन उम्र के साथ जब रफ्तार पहले जैसी नहीं रही तो उन्होंने अपने खेल का तरीका बदल दिया।

अब वह बल्लेबाज को सिर्फ तेज गेंद से परेशान करने की कोशिश नहीं करते। लाइन-लेंथ में बदलाव, गेंद की सीम का इस्तेमाल और सही समय पर वैरिएशन उनकी गेंदबाजी का अहम हिस्सा बन गए हैं।

कम रफ्तार, लेकिन ज्यादा चालाकी। यही भुवी की नई गेंदबाजी की पहचान बन गई है।

वॉबल सीम ने बढ़ाई परेशानी

भुवनेश्वर ने वॉबल सीम का इस्तेमाल भी ज्यादा प्रभावी ढंग से किया। इस गेंद में सीम की स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं रहती। पिच पर पड़ने के बाद गेंद किस तरफ जाएगी, बल्लेबाज के लिए उसे पढ़ना आसान नहीं होता।

भुवी की स्विंग के साथ यह वैरिएशन जुड़ा तो बल्लेबाजों के लिए मुश्किल और बढ़ गई।

पावरप्ले में फिर दिखा पुराना भुवी

नई गेंद हाथ में आते ही भुवनेश्वर अब भी वही काम कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें जाना जाता है।

IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान उनके 17 विकेट इसका सबूत हैं। शुरुआती ओवरों में स्विंग और अनुशासित लेंथ के साथ उन्होंने बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया।

यही उनकी सबसे बड़ी खासियत रही। उम्र बढ़ी, लेकिन नई गेंद से विकेट निकालने की कला अभी भी बरकरार है।

फिटनेस में भी किया बड़ा बदलाव

मैदान के बाहर भी भुवनेश्वर ने खुद पर काम किया। रिपोर्ट के मुताबिक पिछले तीन वर्षों में उनके बॉडी फैट में काफी कमी आई और यह करीब 13-14 फीसदी तक पहुंचा।

उन्होंने स्ट्रेंथ बढ़ाने पर भी काम किया। इसका असर मैदान पर उनकी निरंतरता में नजर आया।

भुवनेश्वर ने अपनी निरंतरता के पीछे मोटिवेशन से ज्यादा डिसिप्लिन और नियमित ट्रेनिंग को अहम बताया है।

11 से 17 और फिर सीधे 28 विकेट

भुवी की वापसी को सिर्फ एक IPL सीजन का चमत्कार कहना भी सही नहीं होगा।

2024 में उन्होंने 11 विकेट लिए। 2025 में यह आंकड़ा 17 तक पहुंचा और IPL 2026 में उन्होंने 28 विकेट झटक दिए।

यानी प्रदर्शन लगातार ऊपर गया और 2026 में उन्होंने अपने लिए टीम इंडिया का रास्ता फिर खोल दिया।

चार साल बाद फिर वही न्यूजीलैंड

भुवनेश्वर की वापसी में सबसे खास कनेक्शन न्यूजीलैंड का है। नवंबर 2022 में इसी टीम के खिलाफ उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच था। अब करीब चार साल बाद वह फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टी20 टीम में लौटे हैं।

बीच के इन सालों में बहुत कुछ बदला। टीम बदली, भूमिका बदली और भुवी की गेंदबाजी भी बदली।

लेकिन एक चीज नहीं बदली; मुश्किल परिस्थितियों में गेंद को स्विंग कराने की उनकी कला।

36 साल की उम्र में टीम इंडिया में वापसी भुवनेश्वर के लिए सिर्फ एक कमबैक नहीं है। यह उस मेहनत का नतीजा है, जिसमें उन्होंने अपनी कमजोर होती रफ्तार की भरपाई अनुभव, लेंथ, सीम, वैरिएशन और फिटनेस से की।

अब IPL में वापसी का यह सफर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कितना आगे जाता है, नजरें उस पर होंगी।