स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
न्यू दिल्ली: गुवाहाटी में बुधवार की रात वनडे क्रिकेट की ऐसी तस्वीर बनी, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। वेस्टइंडीज ने तीन शतकों की मदद से 405 रन का पहाड़ खड़ा किया, लेकिन शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने उस पहाड़ को भी बौना कर दिया। गिल ने सिर्फ 117 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर इतिहास बदल दिया और भारत ने 39 गेंद बाकी रहते 406 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया।
गुवाहाटी का बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम बुधवार को सिर्फ भारत की जीत का गवाह नहीं बना, बल्कि यहां वनडे क्रिकेट के रिकॉर्ड्स की पूरी किताब ही दोबारा लिखी गई। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 405/7 का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में भारत ने 43.3 ओवर में 406/2 बनाकर आठ विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त भी हासिल कर ली।
गिल का बल्ला चला तो रिकॉर्ड खुद-ब-खुद टूटते गए
406 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत को ऐसी शुरुआत मिली जिसने पूरे मैच का रुख बदल दिया। शुभमन गिल और रोहित शर्मा ने पहले विकेट के लिए 255 रन जोड़ दिए। यह भारत की वनडे में दूसरी सबसे बड़ी ओपनिंग साझेदारी है। इससे भी बड़ी बात यह कि रन चेज में भारत के लिए किसी भी विकेट की यह सबसे बड़ी साझेदारी है और वेस्टइंडीज के खिलाफ भी भारत की सबसे बड़ी साझेदारी बन गई।
रोहित ने 75 गेंदों पर 101 रन बनाकर रन चेज की नींव रखी। उनके आउट होने के बाद गिल ने मोर्चा संभाला और फिर जो हुआ, वह वनडे इतिहास का हिस्सा बन गया।
गिल ने 133 गेंदों पर नाबाद 223 रन बनाए। उनकी पारी में 26 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। उनका स्ट्राइक रेट 167 से ज्यादा रहा। लेकिन इस पारी की सबसे बड़ी खासियत उनका दोहरा शतक था।
गिल ने सिर्फ 117 गेंदों में 200 रन पूरे किए, जिससे उन्होंने ईशान किशन का 126 गेंदों में दोहरा शतक लगाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया। अब वनडे क्रिकेट में सबसे तेज दोहरा शतक गिल के नाम है।
रोहित ने भी जमाया रंग, 12 हजार ODI रन पूरे
गिल के साथ पारी की शुरुआत करने उतरे रोहित शर्मा ने भी बल्ले से कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने 75 गेंदों में 101 रन की तेजतर्रार पारी खेली।
इस शतक के दौरान रोहित ने वनडे क्रिकेट में 12,000 रन का आंकड़ा भी पार किया। वह यह मुकाम हासिल करने वाले सातवें बल्लेबाज बने। रोहित ने 282 पारियों में यह उपलब्धि हासिल की और विराट कोहली के बाद इस आंकड़े तक पहुंचने वाले दूसरे सबसे तेज बल्लेबाज रहे।
यानी गुवाहाटी में सिर्फ गिल ही इतिहास नहीं लिख रहे थे। दूसरे छोर पर रोहित भी अपने वनडे करियर के एक बड़े पड़ाव को पार कर रहे थे।
गिल बने दोहरे शतक लगाने वाले दूसरे बल्लेबाज
गिल की 223 रन की नाबाद पारी उन्हें एक खास क्लब में ले गई। वह वनडे क्रिकेट में एक से ज्यादा दोहरे शतक लगाने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
इस सूची में उनसे पहले सिर्फ रोहित शर्मा थे। गिल ने इससे पहले 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 208 रन की पारी खेली थी।
और इस बार उन्होंने सिर्फ दूसरा दोहरा शतक नहीं लगाया, बल्कि उसे वनडे इतिहास के सबसे तेज दोहरे शतक में बदल दिया।
223* रन की पारी ने कई रिकॉर्ड एक साथ तोड़े
गिल की 223 रन की नाबाद पारी अब वनडे क्रिकेट में तीसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। उनसे आगे सिर्फ रोहित शर्मा का 264 और मार्टिन गप्टिल का नाबाद 237 है।
इतना ही नहीं, सफल रन चेज में किसी बल्लेबाज का यह सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। गिल ने इस मामले में ग्लेन मैक्सवेल की 201* रन की पारी को पीछे छोड़ा।
"लिस्ट A" क्रिकेट के सफल रन चेज में भी गिल की 223* अब सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी है। उन्होंने बांग्लादेश के सौम्य सरकार की 208* रन की पारी को पीछे छोड़ा।
गिल की यह पारी इसलिए भी खास रही क्योंकि वह भारत की कप्तानी करते हुए टेस्ट और वनडे दोनों में दोहरा शतक लगाने वाले पहले कप्तान बन गए। उन्होंने पिछले साल इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट में 269 रन बनाए थे।
वेस्टइंडीज के तीन शतक भी बेअसर
वेस्टइंडीज ने भी इस मुकाबले में इतिहास रचने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उसकी पारी में जॉन कैंपबेल, शाई होप और अमीर जंगू—तीनों ने शतक लगाए।
कैंपबेल ने 101, होप ने 104 और जंगू ने 114 रन बनाए। इन तीन शतकों की मदद से वेस्टइंडीज ने 50 ओवर में 405/7 का स्कोर खड़ा किया।
यह वनडे क्रिकेट में वेस्टइंडीज का भारत के खिलाफ सर्वोच्च स्कोर और उसका कुल मिलाकर सर्वोच्च ODI स्कोर है। इससे पहले उसका सर्वाधिक स्कोर 389 रन था, जो उसने 2019 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था।
एक ही वनडे पारी में तीन शतक लगाने के बावजूद वेस्टइंडीज मैच नहीं बचा सका। वनडे इतिहास में यह सिर्फ छठा मौका था जब किसी टीम के तीन बल्लेबाजों ने एक ही पारी में शतक लगाए। खास बात यह है कि वेस्टइंडीज ऐसी उपलब्धि के बावजूद मैच हारने वाली पहली टीम बन गई।
एक मैच में पांच शतक, 811 रन और रिकॉर्ड की बारिश
एक तरफ वेस्टइंडीज के तीन शतक और दूसरी तरफ भारत के दो शतक। यानी एक ही वनडे मैच में पांच बल्लेबाजों ने शतक या उससे ज्यादा रन बनाए।
वनडे क्रिकेट में इससे पहले एक मैच में अधिकतम चार बल्लेबाजों के तीन-अंकीय स्कोर का रिकॉर्ड था। गुवाहाटी में पहली बार ऐसा हुआ कि पांच बल्लेबाजों ने 100 या उससे ज्यादा रन बनाए।
दोनों पारियों को मिलाकर मुकाबले में 811 रन बने। यह वनडे इतिहास में 800 से ज्यादा रन वाले चुनिंदा मुकाबलों में शामिल हो गया।
400+ रन का लक्ष्य और भारत का ऐतिहासिक चेज
वेस्टइंडीज ने भारत के सामने 406 रन का लक्ष्य रखा था। भारत ने इसे 43.3 ओवर में हासिल कर लिया।
यह पुरुष वनडे क्रिकेट में 400 या उससे ज्यादा के लक्ष्य का दूसरा सफल रन चेज है। इस सूची में भारत से आगे दक्षिण अफ्रीका है, जिसने 2006 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रन का लक्ष्य हासिल किया था।
भारत के लिए यह उसका सबसे बड़ा सफल ODI रन चेज भी बन गया।
यानी वेस्टइंडीज ने जिस स्कोर को मैच जिताने वाला हथियार समझकर खड़ा किया था, भारत ने उसी स्कोर को रिकॉर्ड बुक में अपने नाम का एक और अध्याय लिखने के लिए इस्तेमाल कर लिया।
कुलदीप यादव ने भी रचा इतिहास
इस रिकॉर्डतोड़ बल्लेबाजी के बीच भारतीय गेंदबाज कुलदीप यादव के लिए भी यह मुकाबला बेहद खास रहा।
कुलदीप ने दो विकेट लेकर वनडे क्रिकेट में 200 विकेट पूरे किए। वह इस मुकाम तक पहुंचने वाले भारत के सातवें गेंदबाज हैं।
कुलदीप 200 ODI विकेट लेने वाले पहले बाएं हाथ के रिस्ट स्पिनर बने। उन्होंने 6319 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की और 123 वनडे में 200 विकेट पूरे किए। भारत की ओर से उनसे कम मैचों में यह मुकाम सिर्फ मोहम्मद शमी ने हासिल किया था।
रिकॉर्ड की रात में भारत का दबदबा
गुवाहाटी में सिर्फ एक मैच नहीं जीता गया, बल्कि रिकॉर्ड्स की पूरी फेहरिस्त बदल गई।
वेस्टइंडीज के 405 रन भारत के खिलाफ सबसे बड़ा ODI स्कोर।
गिल के 117 गेंदों में 200 रन वनडे इतिहास का सबसे तेज दोहरा शतक।
गिल के 223 सफल रन चेज में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर।
255 रन चेज में भारत की सबसे बड़ी साझेदारी।
एक मैच में पांच शतक वनडे इतिहास में पहली बार।
811 रन - एक ही ODI में 800+ रन का नया रिकॉर्डेड मुकाबला।
400+ लक्ष्य का भारत का ऐतिहासिक सफल पीछा।
और कुलदीप यादव के 200 ODI विकेट।
वेस्टइंडीज ने 405 रन बनाकर भारत के सामने चुनौती खड़ी की थी, लेकिन गिल और रोहित ने उस चुनौती को बौना कर दिया। रोहित ने शुरुआत में तूफान खड़ा किया, गिल ने उसे रिकॉर्ड में बदल दिया और भारत ने 39 गेंद बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया।
एक तरफ तीन शतक के साथ 405 रन, दूसरी तरफ दो शतक के साथ 406 रन- गुवाहाटी में वनडे क्रिकेट ने एक ऐसी रात देखी, जहां गेंदबाज सिर्फ स्कोरबोर्ड देखते रह गए और बल्लेबाज इतिहास लिखते चले गए।







