Ad Image
Ad Image
सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा हेट स्पीच मामले की आज सुनवाई की || लोकसभा से निलंबित सांसदों पर आसन पर कागज फेंकने का आरोप || लोकसभा से कांग्रेस के 7 और माकपा का 1 सांसद निलंबित || पटना: NEET की छात्रा के रेप और हत्या को लेकर सरकार पर जमकर बरसे तेजस्वी || स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा, केशव मौर्य को होना चाहिए यूपी का CM || मतदाता दिवस विशेष: मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा 'मतदान राष्ट्रसेवा' || नितिन नबीन बनें भाजपा के पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष, डॉ. लक्ष्मण ने की घोषणा || दिल्ली को मिली फिर साफ हवा, AQI 220 पर पहुंचा || PM मोदी ने भारतरत्न अटल जी और मालवीय जी की जयंती पर श्रद्धा सुमन अर्पित किया || युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती आज

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

5 ई-चालान पर ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड, मोटर वाहन नियमों में बड़ा बदलाव

नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।

नई दिल्ली: यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ केंद्र सरकार ने सख्ती बढ़ा दी है। अब अगर किसी चालक का एक साल में पांच या उससे अधिक बार ई-चालान कटता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है। यह प्रावधान मोटर वाहन नियमों में हालिया संशोधन के जरिए जोड़ा गया है, जिसका उद्देश्य आदतन नियम तोड़ने वाले चालकों पर लगाम लगाना है।

संशोधित नियमों के अनुसार, एक वर्ष की अवधि में मोटर वाहन अधिनियम या उससे जुड़े नियमों के पांच या अधिक उल्लंघन करने वाले चालक को ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अयोग्य माना जा सकता है। हालांकि, लाइसेंस निलंबन से पहले संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण चालक को अपना पक्ष रखने का मौका देगा।

इन नियमों में करीब 24 तरह के ट्रैफिक उल्लंघन शामिल किए गए हैं। इनमें तेज रफ्तार से वाहन चलाना, ओवरलोडिंग, सार्वजनिक स्थान पर गलत पार्किंग, हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट या ट्रैफिक सिग्नल तोड़ना, वाहन चोरी से जुड़ा मामला या सवारी से झगड़ा जैसे अपराध शामिल हैं। इनमे से किसी भी पांच नियमों का उल्लंघन एक साल के भीतर होने पर लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है।

ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित या रद्द करने का अधिकार क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) या जिला परिवहन कार्यालय (DTO) के पास होगा। नियमों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि हर साल की गणना अलग-अलग होगी, यानी पिछले वर्ष के चालान को अगले वर्ष की गिनती में शामिल नहीं किया जाएगा। यह व्यवस्था एक जनवरी से लागू मानी जाएगी।

नए प्रावधानों के तहत अब केवल ई-चालान के आधार पर भी ड्राइविंग लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। पहले चालान के साथ गवाह जरूरी होता था और क्रमशः निलंबन की अवधि बढ़ाई जाती थी, लेकिन अब प्रक्रिया को और कड़ा बना दिया गया है।

इसके साथ ही सरकार ने टोल टैक्स को लेकर भी सख्त नियम लागू किए हैं। यदि किसी वाहन पर टोल बकाया है, तो उससे जुड़े जरूरी काम जैसे एनओसी, फिटनेस सर्टिफिकेट या परमिट जारी नहीं किए जाएंगे। केंद्रीय मोटर वाहन (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 के तहत यह फैसला नेशनल हाईवे पर टोल वसूली को मजबूत करने और टोल चोरी रोकने के लिए लिया गया है।