स्टेट डेस्क, मुस्कान कुमारी।
पटना में शनिवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) और छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का असर दिखा। शिक्षा क्षेत्र में सुधार, नीट पेपर लीक और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्र संगठनों ने राज्यभर में प्रदर्शन किया।
राजधानी पटना सहित कई जिलों में भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए। कई छात्र नेताओं को पहले ही हिरासत में ले लिया गया। यात्रियों को कुछ इलाकों में आवागमन में बाधा का सामना करना पड़ सकता है।
एआईएसए ने शुक्रवार को युवा-छात्र मार्च का कार्यक्रम रखा था, लेकिन पटना में भारी पुलिस बल तैनाती के कारण इसे शनिवार के लिए स्थगित कर दिया गया। संगठन का कहना है कि लगभग सौ स्वयंसेवक पटना में मार्च को व्यवस्थित रखने में मदद करेंगे।
स्वयंसेवक माइक से अपील करेंगे कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे और मीडिया कर्मियों से दुर्व्यवहार न हो। संगठन ने सोशल मीडिया पर हेल्पलाइन नंबर भी साझा किए हैं, ताकि किसी भी बदमाश की सूचना दी जा सके और जरूरत पड़ने पर प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद मुहैया कराई जा सके।
नेताओं की हिरासत और पिछले विरोध का असर
प्रदर्शन से पहले पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया। इनमें सीपीआई(एमएल) विधायक संदीप सौरभ, एआईएसए राज्य सचिव दीपांकर और पटना विश्वविद्यालय अध्यक्ष सबा अफरीन शामिल हैं।
हिरासत से पहले सौरभ ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनके घर पर मौजूद सभी लोगों को, जिनमें मेहमान भी थे, हिरासत में ले लिया। उन्होंने प्रशासन पर पटना में दबाव और आतंक का माहौल बनाने का आरोप लगाया तथा कहा कि छात्रों की मांगें साफ, सीधी और जायज होने के बावजूद सरकार सुनने को तैयार नहीं।
सबा अफरीन ने गिरफ्तारी से पहले कहा था कि प्रदर्शनकारियों से संयम बरतने और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने की अपील की गई है, ताकि मांगों पर ही फोकस रहे।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, यातायात प्रभावित होने की आशंका
पुलिस के अनुसार जुलाई 22 को नीट विरोध के दौरान हुई हिंसा के सिलसिले में 22 से ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई हैं। करीब 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पटना जिले में 14 कंपनियां पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए शांति भंग करने की कोशिश करने वाले 90 लोगों की पहचान की गई है और उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
लोगों को सलाह दी गई है कि शनिवार को यात्रा करने वाले यात्री पटना और अन्य जिलों के कुछ इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन, सड़क जाम, सार्वजनिक परिवहन में देरी और प्रमुख चौराहों पर बढ़ी पुलिस चेकिंग का सामना कर सकते हैं।
विश्वविद्यालयों, कोचिंग हब और सरकारी दफ्तरों के आसपास भीड़ होने की संभावना है। स्कूल, बैंक या सरकारी दफ्तरों के राज्यव्यापी बंद की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, फिर भी स्थानीय ट्रैफिक अपडेट जरूर चेक करें।
सरकार का निर्देश: संवेदनशीलता के साथ कानून व्यवस्था
बिहार सरकार ने जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदर्शनों से निपटते समय संवेदनशीलता बरतें और कानून व्यवस्था बनाए रखें। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों से कहा गया कि निर्दोष छात्रों को परेशान न किया जाए और अफवाहों-गलत सूचनाओं का तुरंत खंडन किया जाए।
डीजीपी (ऑपरेशंस) कुंदन कृष्णन ने पुलिस अधिकारियों से छात्रों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने और आक्रामक रवैया न अपनाने को कहा। अधिकारियों को कोचिंग संस्थानों से उपस्थिति रिकॉर्ड लेने और अंबेडकर हॉस्टल तथा छात्र मंचों पर छात्रों से बात करके उनकी चिंताओं को दूर करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
एआईएसए और छात्र संगठनों का फोकस शिक्षा सुधार, नीट पेपर लीक की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर है। पटना में भारी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन शांतिपूर्ण रखने की कोशिश जारी है। यात्रियों को सतर्क रहने और स्थानीय अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।







