एंटरटेनमेंट डेस्क, अर्पिता कृष्णा
सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के नेतृत्व को लेकर जारी विवाद में अभिनेत्री उपासना सिंह और कोषाध्यक्ष नगमा मोरारजी ने कानूनी लड़ाई में जीत का दावा किया है। 28 अक्टूबर 2026 को मुंबई में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों ने कहा कि उनकी लड़ाई कलाकारों के हितों, संगठन में पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। उन्होंने अपने पक्ष में आए अदालती आदेशों का हवाला भी दिया।
उपासना सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी पद पर बने रहना नहीं, बल्कि सच को सामने लाना है। उन्होंने कहा, “अगर हम सच्चे हैं, तो हमें जीतना चाहिए और हम जीते हैं।” हालांकि, यह उनका दावा है। CINTAA के नेतृत्व और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विवाद पूरी तरह समाप्त हुआ है या नहीं, इसे अदालत की कार्यवाही और आगे के आदेशों के संदर्भ में ही समझा जाना चाहिए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उपासना ने कलाकारों की समस्याओं का मुद्दा भी उठाया। उनके अनुसार, कई कलाकार लंबे कामकाजी घंटों, भुगतान में देरी और यात्रा खर्च जैसी परेशानियों का सामना करते हैं। उन्होंने संगठन के धन का इस्तेमाल कलाकारों के कल्याण के लिए किए जाने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कलाकारों के कल्याण के लिए निर्धारित धन का उचित उपयोग नहीं हुआ। इन वित्तीय आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।
CINTAA की कोषाध्यक्ष नगमा मोरारजी ने भी संगठन के प्रशासन और वित्तीय पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति के कुछ सदस्यों के इस्तीफे के बाद भी संगठन के संचालन, बैंक खातों और आधिकारिक दस्तावेजों को लेकर अनियमितताएं हुईं। नगमा ने यह भी दावा किया कि अदालत के निर्देशों के बावजूद दूसरे पक्ष ने अलग चुनाव कराए। ये आरोप हैं; इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा रहा है।
CINTAA में नेतृत्व का विवाद अगस्त 2026 में कार्यकारी समिति के आठ सदस्यों के इस्तीफे के बाद तेज हुआ। इसके बाद फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने 12 सितंबर को चुनाव कराए, जिनमें उपासना सिंह को 360 वोट मिले। दूसरी ओर, पूनम ढिल्लों और पद्मिनी कोल्हापुरे से जुड़े पक्ष ने चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए और 20 अक्टूबर को अलग चुनाव कराया। इस विवाद के बीच अदालतों में कानूनी कार्यवाही भी जारी रही।
इस पूरे मामले में दोनों पक्षों के दावों और अदालत की कार्यवाही को अलग-अलग समझना जरूरी है। उपासना सिंह और नगमा मोरारजी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी जीत का दावा किया है, लेकिन संगठन के नेतृत्व, चुनाव की वैधता और वित्तीय आरोपों पर अंतिम स्थिति तय करने के लिए संबंधित अदालती आदेश महत्वपूर्ण होंगे।







