स्टेट डेस्क, नीतीश कुमार।
पटना। पीरबहोर थाना क्षेत्र में CISF के जीडी आरक्षी को बंधक बनाकर उसके बैंक खाते से करीब 3 लाख रुपये ट्रांजेक्शन कराने का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले में पटना विश्वविद्यालय के दो छात्रों को गिरफ्तार किया है। दोनों पर मिंटो छात्रावास से जुड़े इस मामले में आरोपी बनाया गया है।
पुलिस के अनुसार, नवीज कुमार दरभंगा जिले के खंगरैठा गांव के रहने वाले हैं और वर्तमान में पूर्वी क्षेत्र मुख्यालय, पटना CISF में GD आरक्षी के पद पर तैनात हैं। उन्होंने 17 अगस्त को पीरबहोर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी।
नवीज ने पुलिस को बताया कि 15 अगस्त की रात दो लड़कों ने उन्हें बंधक बना लिया। इसके बाद उन्हें पटना विश्वविद्यालय के मिंटो छात्रावास में करीब दो दिनों तक रखा गया। इस दौरान आरोपियों ने उनके खाते से करीब 3 लाख रुपये निकाल लिए।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
मामले में पीरबहोर थाना कांड संख्या 628/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हर्ष कुमार उर्फ धीरज कुमार (23) और विकास कुमार उर्फ शुभांकर (25) के रूप में हुई है। हर्ष सारण जिले का रहने वाला है और पटना विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग में स्नातकोत्तर सत्र 2025-27 का छात्र है। वहीं, विकास लखीसराय जिले का निवासी है।
मोबाइल, दो डेबिट कार्ड और 50 हजार कैश बरामद
पुलिस ने आरोपियों के पास से पीड़ित का मोबाइल, SBI के दो डेबिट कार्ड और 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ठगी की बाकी 1.88 लाख रुपये की राशि खाते में होल्ड करा दी गई है। मामले में आगे की जांच जारी है।
लड़की बनकर कांस्टेबल को जाल में फंसाया
जांच का जिम्मा विश्वविद्यालय TOP के प्रभारी दिवाकर पांडे को मिला था। शुरुआती जांच में पता चला कि धीरज ने लड़की बनकर मैसेंजर के जरिए कांस्टेबल को अपने जाल में फंसाया।
आरोपी ने उसे मिलने के लिए कृष्णा घाट के पास बुलाया। कांस्टेबल बताई गई लोकेशन पर पहुंचा तो आरोपियों ने मिलने के बहाने उसे मिंटो हॉस्टल ले गए। वहां कमरा नंबर चार में उसे बंधक बना लिया गया।






