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CJP ने पहली बार राजधानी में प्रदर्शन आयोजित किया

नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।

  • संघर्षशील छात्रों और युवाओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। 

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के एक गांव से 17 वर्षीय सौरव कुशवाहा ने सिर्फ एक जोड़ी कपड़े लेकर रात की ट्रेन पकड़ी और दिल्ली पहुंचे। उनका मकसद था- शिक्षा व्यवस्था में हो रहे घोटालों के खिलाफ आवाज उठाना और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिलवाना। 

अमेरिका से लौटे अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने पहली बार राजधानी में यह प्रदर्शन आयोजित किया। दीपके ने साफ चेतावनी दी- “शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें, वरना हम यहां से नहीं हटेंगे।”

‘सभी कॉकरोच इकट्ठा हों’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 सालों में युवाओं के गुस्से को यह पहला बड़ा संगठित रूप मिला है। सीबीएसई और एनईईटी जैसी परीक्षाओं में पेपर लीक, अंक विवाद और नकल के मामलों ने पूरे देश के छात्रों को झकझोर दिया है। आधा आबादी 25 साल से कम उम्र वाले भारत में यह गुस्सा अब सड़कों पर उतर आया है।

अभिजीत दीपके, बोस्टन यूनिवर्सिटी के हालिया स्नातक, पिछले महीने चीफ जस्टिस के युवाओं को ‘कॉकरोच’ कहे जाने वाले बयान के बाद वायरल हो गए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पूछा था- “अगर सभी कॉकरोच इकट्ठा हो जाएं तो?” मजाक शुरू हुआ, लेकिन जल्दी ही यह आंदोलन में बदल गया। कॉकरोच जनता पार्टी का इंस्टाग्राम अकाउंट मोदी की भाजपा से दोगुना फॉलोअर्स वाला हो गया।

शनिवार को जंतर मंतर पर सैकड़ों युवा कॉकरोच मास्क लगाए, किताबें और गुलदस्ते लेकर पहुंचे। दीपके ने काले हूडी में भीड़ को संबोधित किया। उन्होंने कहा, “मेरी मां डरती हैं कि मैं राजनीति की बात करूंगा तो गिरफ्तार हो जाऊंगा। यह डर हर मां को है।” भीड़ ‘शर्म’ के नारे लगाने लगी।

परीक्षा घोटालों का सिलसिला

सौरव कुशवाहा ने अभी 12वीं पास की है। सीबीएसई के डिजिटल मार्किंग विवाद ने उनके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वे कहते हैं, “सरकार उन लोगों के प्रति उदासीन है जिन्होंने उन्हें वोट दिया।” 

मेडिकल प्रवेश परीक्षा एनईईटी रद्द होने और साल भर होने वाले पेपर लीक के मामलों ने छात्रों का भरोसा तोड़ दिया है। 28 वर्षीय गिग वर्कर मोहम्मद आफताब ने एक दिन की मजदूरी छोड़कर दिल्ली पहुंचे। कॉकरोच मास्क लगाए आफताब ने कहा, “मैं स्कूल पूरा नहीं कर पाया, लेकिन लाखों छात्र रातों की नींद हराम करके पढ़ते हैं। उनका साथ देना हमारा फर्ज है।”

युवा आंदोलन की नई तस्वीर

प्रदर्शन में दिल्ली पुलिस की एक महिला अधिकारी शिवानी भी दूर से देख रही थीं। उनकी बड़ी बेटी भी प्रदर्शनकारियों में शामिल थी। उन्होंने कहा, “बच्चे अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं। एक वक्त आता है जब सड़क पर उतरना पड़ता है।”

दीपके ने भीड़ से कहा, “जो लोग सोचते हैं कि भारतीय युवा सिर्फ सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं, वे यहां आकर देखें। हम कॉकरोच हैं, हम तब तक नहीं जाएंगे जब तक मंत्री इस्तीफा नहीं देते।”

प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।