स्टेट डेस्क, आर्या कुमारी।
पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का 90 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहीं थीं और पटना स्थित आईजीआईएमएस में उनका इलाज चल रहा था। शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। निधन की खबर लगते ही मुख्यमंत्री परिवार और रिश्तेदारों में शोक की लहर दौड़ गई।
शनिवार को पटना के बांस घाट में विद्यावती देवी का अंतिम संस्कार पूरे विधि-विधान के साथ किया गया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पुत्र निशांत कुमार के साथ मौजूद रहे और उन्होंने सासु मां को नम आंखों से अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य, नजदीकी रिश्तेदार, बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी सहित कई लोग उपस्थित रहे। घाट पर माहौल पूरी तरह गमगीन दिखाई दिया।
परिवार के अनुसार, विद्यावती देवी काफी समय से अस्वस्थ थीं और उम्रजनित बीमारियों से परेशान थीं। करीब दो महीनों से वे आईजीआईएमएस में भर्ती थीं, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। इस दौरान मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार लगभग प्रतिदिन अस्पताल पहुंचकर अपनी नानी का हालचाल लेते थे।
विद्यावती देवी के निधन के बाद राज्य की राजनीति और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। विभिन्न दलों के नेताओं, मंत्रियों और मुख्यमंत्री के करीबी सहयोगियों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। नेताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी है।
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री के ससुर कृष्णनंदन सिन्हा का निधन करीब सात वर्ष पहले हुआ था। वे पेशे से शिक्षक थे और हरनौत इलाके में उनकी पहचान एक प्रतिष्ठित शिक्षक के रूप में थी। उनका अंतिम संस्कार भी पटना के बांस घाट में ही किया गया था।
परिवार के लोगों के अनुसार, विद्यावती देवी सरल स्वभाव की, पारिवारिक मूल्यों का सम्मान करने वाली और शांत प्रकृति की महिला थीं। उनके निधन से परिवार को गहरा दुख पहुंचा है। अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार घाट पर कुछ समय तक मौजूद रहे और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। पूरे राज्य में शोक की भावना व्याप्त है और लोग मुख्यमंत्री परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।







