नेशनल डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की युवा वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिलाओं की 53 किलोग्राम भारवर्ग स्पर्धा में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। 23 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी ने कुल 199 किलोग्राम (88 किग्रा स्नैच + 111 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन के साथ भारत की झोली में पांचवां पदक आया, जबकि वेटलिफ्टिंग में यह देश का चौथा पदक रहा। भारत का इस खेल में शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है और ज्ञानेश्वरी ने देश की पदक तालिका को और मजबूत किया।
इस स्पर्धा में नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला डिडिह ने कुल 206 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। डिडिह ने इस प्रदर्शन के दौरान कॉमनवेल्थ और गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम दर्ज कराया। वहीं, कनाडा की रेबेका ग्रौलक्स ने 178 किलोग्राम के कुल वजन के साथ कांस्य पदक जीता।
स्नैच में लगातार शानदार प्रदर्शन, डिडिह ने बनाई बढ़त
ज्ञानेश्वरी ने स्नैच राउंड की शुरुआत 82 किलोग्राम के सफल प्रयास से की। इसके बाद उन्होंने 85 किलोग्राम और फिर 88 किलोग्राम वजन भी सफलतापूर्वक उठाया। स्नैच के तीनों प्रयास सफल रहने के बावजूद वह इस चरण के बाद दूसरे स्थान पर रहीं, क्योंकि नाइजीरिया की डिडिह ने 93 किलोग्राम वजन उठाकर बढ़त बना ली थी।
क्लीन एंड जर्क में जोरदार टक्कर, रजत पदक पर खत्म हुआ अभियान
क्लीन एंड जर्क में ज्ञानेश्वरी ने 103 किलोग्राम वजन उठाकर दमदार शुरुआत की और कुछ समय के लिए बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, डिडिह ने अपनी पहली कोशिश में 105 किलोग्राम वजन उठाकर फिर पहला स्थान हासिल कर लिया। भारतीय वेटलिफ्टर ने अपनी दूसरी कोशिश में 107 किलोग्राम और तीसरी व अंतिम कोशिश में 111 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाया। इसके बावजूद उनका कुल वजन 199 किलोग्राम रहा और वह रजत पदक जीतने में सफल रहीं, जबकि डिडिह ने 206 किलोग्राम के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
वेटलिफ्टिंग में भारत का लगातार चौथा पदक
ज्ञानेश्वरी यादव, ऋषिकांत सिंह (सिल्वर), मीराबाई चानू (गोल्ड) और राजा मुथुपांडी (सिल्वर) के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पोडियम पर पहुंचने वाली चौथी भारतीय वेटलिफ्टर बन गई हैं। उनके सिल्वर मेडल ने भारत की पदक संख्या में अहम इजाफा किया और वेटलिफ्टिंग में भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन को आगे बढ़ाया।
छत्तीसगढ़ से कॉमनवेल्थ पोडियम तक का सफर
छत्तीसगढ़ की रहने वाली ज्ञानेश्वरी यादव ने कम उम्र में ही वेटलिफ्टिंग में अपना करियर शुरू किया था। जूनियर और सीनियर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने भारतीय टीम में अपनी जगह मजबूत की। फिलहाल वह पटियाला स्थित नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (NS NIS) में राष्ट्रीय कोचिंग कार्यक्रम के तहत प्रशिक्षण ले रही हैं।
ज्ञानेश्वरी का यह रजत पदक भारतीय वेटलिफ्टिंग के लगातार मजबूत होते प्रदर्शन का एक और उदाहरण है। उनसे आने वाले वर्षों में भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर ऐसे ही शानदार प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।







