नेशनल डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
नई दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलेटिक्स के लिए एक यादगार पल सामने आया है। 27 वर्षीय धावक गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में 27:49.78 मिनट का समय निकालते हुए सिल्वर मेडल जीतकर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की। इसके साथ ही वह राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। ग्लासगो की बारिश से प्रभावित चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में गुलवीर ने धैर्य, बेहतरीन रणनीति और आखिरी लैप में शानदार रफ्तार का प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में ऐतिहासिक रजत पदक डाला।
शानदार शुरुआत, बीच में पिछड़े लेकिन नहीं खोया हौसला
10,000 मीटर की इस रोमांचक रेस में गुलवीर सिंह ने शुरुआत से ही शानदार लय दिखाई। पहले 1000 मीटर और फिर 3000 मीटर तक वह तीसरे स्थान पर मजबूती से बने रहे। हालांकि, 5000 मीटर के बाद प्रतिद्वंद्वियों के दबाव में वह छठे स्थान पर खिसक गए। 7000 मीटर तक पहुंचते-पहुंचते वह पांचवें स्थान पर थे और उनकी पदक की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आने लगी थीं। इसके बावजूद गुलवीर ने संयम बनाए रखा और अंतिम चरण के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखी।
आखिरी लैप में पलटा मुकाबला, चौथे स्थान से सीधे सिल्वर तक का सफर
रेस के अंतिम 3000 मीटर में गुलवीर ने अपनी रफ्तार बढ़ानी शुरू कर दी। आखिरी लैप की घंटी बजने तक वह चौथे स्थान पर थे, लेकिन इसके बाद उन्होंने जोरदार फिनिशिंग स्पीड दिखाई। अंतिम चरण में शानदार वापसी करते हुए उन्होंने दूसरा स्थान हासिल किया और सिल्वर मेडल अपने नाम कर लिया। उनकी इस दमदार वापसी ने भारतीय एथलेटिक्स को एक ऐतिहासिक उपलब्धि दिला दी।
एशियन गेम्स के ब्रॉन्ज के बाद CWG में भी किया कमाल
2022 एशियन गेम्स में 10,000 मीटर स्पर्धा का कांस्य पदक जीतने वाले गुलवीर सिंह ने अब कॉमनवेल्थ गेम्स में सिल्वर जीतकर अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ दी है। राष्ट्रमंडल खेलों में यह उनका पहला पदक है। कठिन परिस्थितियों में दिखाई गई उनकी दृढ़ता, धैर्य और शानदार वापसी ने इस उपलब्धि को और भी खास बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने भारतीय एथलेटिक्स के इतिहास में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया।







