स्पोर्ट्स डेस्क, शिवेश कुमार शौर्य।
- CWG 2026:10 मेडल के साथ 8वें स्थान पर भारत, टॉप पर ऑस्ट्रेलिया; जानिए किस खिलाड़ी ने दिलाया कौन-सा पदक
- ग्लास्गो में पांचवें दिन भारत ने जीते छह पदक। अब तक 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य के साथ कुल 10 मेडल भारतीय झोली में आ चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया 59 पदकों के साथ शीर्ष पर है और भारत से 49 मेडल आगे है।
नई दिल्ली: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। ग्लास्गो में प्रतियोगिता के पांचवें दिन भारत ने एक ही दिन में छह पदक जीतकर अपने अभियान को नई रफ्तार दी। इसके साथ ही टीम इंडिया के खाते में कुल 10 पदक हो गए हैं। भारत 2 स्वर्ण, 5 रजत और 3 कांस्य पदकों के साथ पदक तालिका में 8वें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं, ऑस्ट्रेलिया 26 स्वर्ण, 13 रजत और 20 कांस्य समेत कुल 59 पदकों के साथ शीर्ष पर कायम है। दोनों देशों के बीच कुल पदकों का अंतर 49 का है।
शर्मिला का ऐतिहासिक गोल्ड, मीराबाई की गोल्डन हैट्रिक
पांचवें दिन भारत को सबसे बड़ी सफलता पैरा एथलेटिक्स में शर्मिला धनखड़ ने दिलाई। उन्होंने महिला शॉटपुट F57 स्पर्धा में 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पैरा एथलेटिक्स में भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गईं।
इससे पहले स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने महिला 48 किग्रा वर्ग में कुल 190 किलोग्राम (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीतते हुए इतिहास रच दिया।
वेटलिफ्टिंग बना भारत का सबसे सफल खेल
ग्लास्गो गेम्स में अब तक भारत को सबसे ज्यादा सफलता वेटलिफ्टिंग से मिली है। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने कुल छह पदक जीते हैं। मीराबाई चानू ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि ऋषिकांत सिंह, मुथुपांडी राजा, ज्ञानेश्वरी यादव और वल्लुरी अजय बाबू ने रजत पदक अपने नाम किए। वहीं, बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया।
एथलेटिक्स और पैरा स्पर्धाओं में भी बना इतिहास
पुरुष हाई जंप में सर्वेश कुशारे ने 2.25 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक जीता। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस स्पर्धा में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने।
वहीं, महिला शॉटपुट F57 स्पर्धा में भारतीय दल की अपील स्वीकार होने के बाद नाइजीरिया की खिलाड़ी को अयोग्य घोषित किया गया, जिसके बाद शिल्पा के. शायला को कांस्य पदक मिला। दूसरी ओर, पैरा पावरलिफ्टिंग के पुरुष हैवीवेट वर्ग में झंडू कुमार ने 190 किलोग्राम के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ कांस्य पदक जीतकर ग्लास्गो खेलों में भारत का पहला पदक दिलाया था।
भारत के अब तक के 10 पदक विजेता
- स्वर्ण पदक (2)
मीराबाई चानू – वेटलिफ्टिंग (महिला 48 किग्रा): कुल 190 किलोग्राम (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर लगातार तीसरी बार स्वर्ण पदक जीता।
शर्मिला धनखड़ – पैरा एथलेटिक्स (महिला शॉटपुट F57): 9.81 मीटर का सीजन बेस्ट थ्रो कर भारत को पैरा एथलेटिक्स का पहला कॉमनवेल्थ स्वर्ण दिलाया।
- रजत पदक (5)
ऋषिकांत सिंह – वेटलिफ्टिंग (पुरुष 60 किग्रा)
मुथुपांडी राजा – वेटलिफ्टिंग (पुरुष 65 किग्रा)
ज्ञानेश्वरी यादव – वेटलिफ्टिंग (महिला 53 किग्रा)
वल्लुरी अजय बाबू – वेटलिफ्टिंग (पुरुष 79 किग्रा)
सर्वेश कुशारे – एथलेटिक्स (पुरुष हाई जंप)
- कांस्य पदक (3)
झंडू कुमार – पैरा पावरलिफ्टिंग (पुरुष हैवीवेट)
बिंदियारानी देवी – वेटलिफ्टिंग (महिला 58 किग्रा)
शिल्पा के. शायला – पैरा एथलेटिक्स (महिला शॉटपुट F57)
पांच दिन के खेल के बाद भारत के खाते में 10 पदक हो चुके हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने अब तक वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और पैरा पावरलिफ्टिंग में दमदार प्रदर्शन किया है। अब टीम इंडिया की नजर आने वाले मुकाबलों में पदकों की संख्या बढ़ाने और पदक तालिका में अपनी रैंकिंग को और बेहतर करने पर होगी।







