लोकल डेस्क, एन के सिंह।
'खाकी' और 'अवाम' के बीच की दूरी होगी खत्म, अपराधियों और भ्रष्ट पुलिसकर्मियों की खैर नहीं।
मोतिहारी के LND कॉलेज में 'पुलिस-पब्लिक फ्रेंडली' कार्यशाला का आयोजन, डीआईजी और एसपी ने जनता के साथ साझा किया सुरक्षा का सशक्त रोडमैप।
पूर्वी चंपारण: बिहार के चंपारण प्रक्षेत्र में कानून-व्यवस्था को एक नई दिशा देने और पुलिस की छवि को जनता के बीच अधिक विश्वसनीय व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मोतिहारी के लक्ष्मी नारायण दुबे (LND) महाविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में एक भव्य कार्यशाला का आयोजन किया गया। "अकाउंटेबिलिटी ऑफ पुलिस टुवर्ड्स सिटीजंस" (नागरिकों के प्रति पुलिस की जवाबदेही) विषय पर आयोजित इस ऐतिहासिक संवाद कार्यक्रम ने पुलिस और पब्लिक के बीच एक नए सेतु का निर्माण किया है। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ चंपारण प्रक्षेत्र के डीआईजी हरकिशोर राय, पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. मृगेंद्र कुमार, आईएमए अध्यक्ष डॉ. टी.पी. सिंह, मोतिहारी चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अंगद सिंह, जिला विधिक संघ के सचिव राजीव द्विवेदी और महाविद्यालय मीडिया प्रभारी डॉ. प्रभाकर कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व प्राचार्य प्रो. मृगेंद्र कुमार ने सभी अतिथियों का अपने कक्ष में अंगवस्त्र और पौधा भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया।
भ्रष्टाचार और अपराध पर "जीरो टॉलरेंस", DIG की सीधी चेतावनी
कार्यशाला को संबोधित करते हुए DIG हरकिशोर राय ने बेहद कड़े और स्पष्ट शब्दों में अपराधियों और भ्रष्ट तंत्र को चेतावनी दी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब अपराध और भ्रष्टाचार के विरुद्ध "जीरो टॉलरेंस" की नीति पर काम होगा। DIG ने जनता को आश्वस्त किया कि कानून का शिकंजा इतना मजबूत होगा कि न तो कोई दुर्दांत अपराधी बच पाएगा और न ही वर्दी की आड़ में भ्रष्टाचार करने वाला कोई पुलिस पदाधिकारी। उन्होंने उपस्थित पुलिस पदाधिकारियों को कानून की बारीकियों से अवगत कराया और नागरिकों, विशेषकर डॉक्टरों, अधिवक्ताओं एवं व्यवसायियों से अपील की कि वे पुलिस के साथ निरंतर संपर्क में रहकर समाज सुधार में अपना बहुमूल्य योगदान दें। उन्होंने घोषणा की कि पुलिस अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति को कुर्क कर अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ी जा रही है। साथ ही, दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मियों पर कठोर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है ताकि आम आदमी बिना किसी भय के थाने आ सके।
आधुनिक तकनीक और जनसुनवाई पर SP का जोर
जिले के पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने कार्यशाला में आधुनिक तकनीक के जरिए बेहतर पुलिसिंग के गुर साझा किए। उन्होंने जिले में आम नागरिकों के लिए चलाए जा रहे विभिन्न सुरक्षा अभियानों की चर्चा की और लोगों को सलाह दी कि वे पुलिस तक पहुंचने में कतई न हिचकिचाएं। SP ने बताया कि जिले के हर थाने से लेकर वरीय अधिकारियों के कार्यालयों तक प्रतिदिन जनसुनवाई की जा रही है, ताकि किसी भी पीड़ित को न्याय के लिए भटकना न पड़े। इस दौरान अधिवक्ता दक्ष ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से आम नागरिकों के अधिकारों के बारे में विस्तार से जानकारी दी, जिसे सभी ने काफी सराहा।
सीधा संवाद, जब जनता ने पूछे सवाल और पुलिस ने दिए जवाब
संवाद कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी पारदर्शिता और बेबाकी रही। आईएमए अध्यक्ष डॉ. टी.पी. सिंह ने अपने संगठन की ओर से अतिथियों का स्वागत किया, वहीं चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अंगद सिंह ने व्यापारिक समुदाय की समस्याओं और समाज हित में किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। विधिक संघ के सचिव राजीव द्विवेदी ने जोर दिया कि पुलिस और अधिवक्ता के आपसी सहयोग से ही आम नागरिकों को त्वरित न्याय मिलना संभव है। कार्यशाला के दौरान शहर के नामचीन चिकित्सक डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. तबरेज अजीज, डॉ. परवेज अजीज, अधिवक्ता राकेश सिन्हा, प्रमोद शंकर सिंह, बार एसोसिएशन के अध्यक्ष पप्पू दुबे, व्यवसाई बीरेंद्र जालान, डॉ. के.के. कृष्णा और एनएसएस स्वयंसेवकों ने पुलिस पदाधिकारियों से भूमि विवाद, थानों के व्यवहार और सुरक्षा से जुड़े कई तीखे सवाल पूछे। DIG हरकिशोर राय और SP स्वर्ण प्रभात ने इन सभी प्रश्नों का बड़ी सहजता और तथ्यों के साथ जवाब देकर जनता का दिल जीत लिया।
विशिष्ट उपस्थिति और साझा संकल्प
महाविद्यालय के मीडिया प्रभारी डॉ. प्रभाकर कुमार ने कार्यक्रम के अंत में कहा कि इस तरह के आयोजनों से निश्चित रूप से पुलिस और आम जनता के बीच की दूरी घटेगी। इस गौरवमयी अवसर पर प्रशिक्षु आईपीएस हेमंत कुमार, सदर डीएसपी दिलीप कुमार, पकड़ीदयाल डीएसपी कुमार चंदन, साइबर डीएसपी अभिनव पाराशर, ढाका डीएसपी उदय शंकर, मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार, यातायात डीएसपी मोतिहारी उमेश कुमार, यातायात डीएसपी बगहा राजेश कुमार, प्रशिक्षु डीएसपी प्रियंका कुमारी, एसडीपीओ रामनगर रागिनी कुमारी, प्रशिक्षु डीएसपी अंकित कुमार, नगर थानाध्यक्ष राजीव कुमार और अपर थानाध्यक्ष चंदन कुमार मौजूद रहे। इसके अलावा डॉ. सी.बी. सिंह, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. कुणाल कृष्णा, आर.सी. इंटरप्राइजेज के निदेशक श्यामबाबू सिंह सहित जिले के अनेक गणमान्य लोग इस संवाद के साक्षी बने। सभी ने एक स्वर में माना कि यह कार्यशाला चंपारण में 'फ्रेंडली पुलिसिंग' के एक नए युग की शुरुआत है।







