नेशनल डेस्क, श्रेयांश पराशर l
गुवाहाटी/डिब्रूगढ़। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से असम के चाय उद्योग को बड़ा लाभ मिलने वाला है। इस समझौते के तहत असम की चाय को यूरोपीय संघ के सभी 27 देशों में बिना किसी टैरिफ के निर्यात करने का अवसर मिलेगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में असम चाय की पहुंच और पहचान दोनों मजबूत होंगी।
डिब्रूगढ़ में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम की चाय के लिए एक नया वैश्विक बाजार खोलने की दिशा में बड़ा कदम है। एफटीए के जरिए अब असम की चाय पेरिस से लेकर बर्लिन तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल चाय उद्योग को मजबूती मिलेगी, बल्कि इससे जुड़े लाखों चाय बागान मजदूरों और किसानों की आय बढ़ने की भी उम्मीद है।
इस मौके पर गृह मंत्री ने डिब्रूगढ़ में 825 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। उन्होंने इसे असम के लिए ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि डिब्रूगढ़ में नए असम विधानसभा भवन की आधारशिला रखा जाना ऊपरी असम क्षेत्र के लोगों के लिए सुशासन की दिशा में अहम कदम है। भवन के तैयार होने के बाद प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी और आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
अमित शाह ने यह भी घोषणा की कि डिब्रूगढ़ में वन्यजीव अनुसंधान संस्थान की स्थापना की जाएगी, जिससे शोध, संरक्षण और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, उन्होंने एक बहु-विषयक खेल परिसर के पहले चरण का उद्घाटन किया, जहां युवाओं को आधुनिक खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
बाढ़ की समस्या पर बात करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार असम को बाढ़-मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि 15 वैज्ञानिकों की निगरानी में जल निकायों के विकास का कार्य चल रहा है, ताकि ब्रह्मपुत्र नदी का अतिरिक्त पानी नियंत्रित किया जा सके। राष्ट्रीय आपदा शमन कोष के तहत आर्द्रभूमियों के पुनरुद्धार से जल प्रतिधारण क्षमता बढ़ेगी, शहरी बाढ़ कम होगी और ब्रह्मपुत्र बेसिन में बाढ़ प्रबंधन को मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, एफटीए से लेकर बुनियादी ढांचे और पर्यावरण संरक्षण तक, ये पहल असम के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति देने वाली मानी जा रही हैं।







