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G-7 सम्मेलन में वैश्विक मुद्दों पर भारत रखेगा मजबूत पक्ष

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

एवियन (फ्रांस): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी-7 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए फ्रांस के शहर एवियन पहुंच गए हैं, जहां वे विश्व नेताओं के साथ कई अहम वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस बार सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक अर्थव्यवस्था, जलवायु परिवर्तन, रूस-यूक्रेन संघर्ष और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव प्रमुख मुद्दे रहेंगे। प्रधानमंत्री मोदी के पहुंचते ही भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने द्विपक्षीय बैठकों की तैयारी शुरू कर दी है।

फ्रांस पहुंचने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने स्विट्जरलैंड में एक संक्षिप्त ठहराव किया, जहां उन्होंने राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को लेकर चर्चा की। इसके बाद मोदी एवियन के लिए रवाना हुए। सम्मेलन में भारत को विशेष आमंत्रित देश के रूप में बुलाया गया है।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, प्रधानमंत्री सम्मेलन में विकासशील देशों की चुनौतियों को मजबूती से उठाएंगे। खासतौर पर खाद्य संकट, ऊर्जा आपूर्ति और जलवायु वित्त जैसे मुद्दों पर भारत की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों से अलग-अलग द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत के लिए कूटनीतिक रूप से बेहद अहम है। ऐसे समय में जब दुनिया कई भू-राजनीतिक संकटों से गुजर रही है, भारत एक संतुलित और प्रभावशाली शक्ति के रूप में अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है।

सम्मेलन में भारत की भागीदारी वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती साख को दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि भारत की नीतियां अब अंतरराष्ट्रीय निर्णयों को प्रभावित करने लगी हैं।