लोकल डेस्क, ऋषि राज |
पूर्वी चंपारण: जिले के ग्रामीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। एचडीएफसी बैंक के ‘परिवर्तन’ कार्यक्रम के तहत पूर्वी चंपारण में लगभग 14 करोड़ रुपये की समग्र ग्रामीण विकास परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में एचडीएफसी (सीएसआर) की बिहार राज्य प्रबंधक श्यामलिका कृष्णा, प्लान इंडिया के राज्य प्रबंधक संजीव कुमार और परियोजना प्रबंधक नरेंद्र कुमार मौजूद रहे।
बैठक में प्लान इंडिया द्वारा क्रियान्वित की जा रही इस महत्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति, गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। यह परियोजना जिले के चिरैया और पताही प्रखंड में लागू की जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज के गरीब और वंचित वर्ग के लोगों के जीवन स्तर में स्थायी सुधार लाना है।
एचडीएफसी बैंक की राज्य प्रबंधक श्यामलिका कृष्णा ने जानकारी दी कि परियोजना के तहत कई नवाचारी और टिकाऊ योजनाएं शामिल की गई हैं। इनमें सौर ऊर्जा आधारित सामूहिक सिंचाई विकास समिति, सोलर स्ट्रीट लाइट, स्मार्ट स्कूल, और लघु उद्यम विकास जैसे कार्यक्रम प्रमुख हैं। इन पहलों का उद्देश्य न केवल ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है, बल्कि किसानों, युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना भी है।
उन्होंने बताया कि एचडीएफसी बैंक और प्लान इंडिया के संयुक्त प्रयास से अगले तीन वर्षों में लगभग 14 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। इससे खेती, शिक्षा, ऊर्जा और स्वरोजगार के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है। सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई से जहां किसानों को राहत मिलेगी, वहीं स्मार्ट स्कूल से बच्चों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ा जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने परियोजना की सराहना करते हुए इसे जिले के लिए एक मॉडल पहल बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की योजनाएं ग्रामीण इलाकों में आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की नींव रखती हैं। जिलाधिकारी ने परियोजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
कुल मिलाकर, एचडीएफसी बैंक का ‘परिवर्तन’ कार्यक्रम और प्लान इंडिया की साझेदारी पूर्वी चंपारण के ग्रामीण विकास में एक नई उम्मीद और नई दिशा लेकर आई है, जो आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर बदल सकती है।







