विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
ढाका। बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी नेशनल सिटिजन पार्टी (एनसीपी) ने आगामी संसदीय चुनावों से पहले अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है। पार्टी ने इस घोषणापत्र के जरिए न केवल घरेलू राजनीति और आर्थिक सुधारों पर जोर दिया है, बल्कि भारत के साथ संबंधों को लेकर भी सख्त रुख अपनाने की घोषणा की है। एनसीपी का यह घोषणापत्र ऐसे समय सामने आया है, जब देश में चुनावी माहौल गर्म होता जा रहा है और विभिन्न दल मतदाताओं को लुभाने की कोशिशों में जुटे हैं।
‘मैनिफेस्टो ऑफ ट्रुथ एंड डिग्निटी’ शीर्षक वाले इस घोषणापत्र में एनसीपी ने जवाबदेही, पारदर्शिता और संस्थागत सुधारों को अपनी प्राथमिकता बताया है। पार्टी ने दावा किया है कि सत्ता में आने पर वह अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरियां सृजित करेगी। इसके अलावा छोटे व्यवसायों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 100 अरब टका का उद्यमिता कोष स्थापित करने का वादा भी किया गया है। एनसीपी का कहना है कि इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
घोषणापत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को भी अहम स्थान दिया गया है। पार्टी ने सरकारी संस्थानों में सुधार, भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम और कानून के राज को मजबूत करने की बात कही है। विदेश नीति के मोर्चे पर एनसीपी ने स्पष्ट किया है कि वह राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं करेगी और भारत के साथ संबंधों में संतुलन व आत्मसम्मान को प्राथमिकता देगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि एनसीपी का यह घोषणापत्र चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना सकता है। खासकर भारत के साथ सख्त रुख की घोषणा से क्षेत्रीय राजनीति पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अब देखना होगा कि मतदाता एनसीपी के इन वादों और नीतियों पर कितना भरोसा जताते हैं।







