नेशनल डेस्क, नीतीश कुमार।
पुणे। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि NTA से जुड़े तीन विषय विशेषज्ञों की NEET-UG 2026 परीक्षा के प्रश्नों के कथित लीक में भूमिका रही है। इनमें रसायन विज्ञान के पी.वी. कुलकर्णी, भौतिकी की मनीषा हवलदार और वनस्पति विज्ञान एवं प्राणीशास्त्र की मनीषा मंधारे शामिल हैं।
13 आरोपियों के खिलाफ 94 पन्नों की चार्जशीट
सीबीआई ने NEET-UG पेपर लीक मामले में विशेष अदालत में 13 आरोपियों के खिलाफ 94 पन्नों का आरोपपत्र दाखिल किया है। जांच में बायोमेट्रिक डेटा, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड, लोकेशन एनालिसिस और हाउसिंग सोसाइटी के एक्सेस-कंट्रोल एप्लिकेशन के रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया गया है। यह रिकॉर्ड पुणे में आरोपी पी.वी. कुलकर्णी के आवास से जुड़े हैं।
NTA के गोपनीय सेक्शन में सुरक्षा चूक का आरोप
आरोपपत्र में बताया गया है कि तीनों विशेषज्ञों ने कथित तौर पर NTA के गोपनीय सेक्शन में मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाया। सीबीआई के अनुसार, इस सेक्शन के लिए कोई अलग प्रत्यक्ष-रिकॉर्डिंग नियंत्रण इकाई नहीं थी। इस वजह से विशेषज्ञों की गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी नहीं रखी जा सकी। एजेंसी के मुताबिक, परिसर में प्रवेश या बाहर निकलते समय कर्मचारियों की तलाशी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। सीबीआई का दावा है कि इन खामियों से प्रश्नपत्र तक पहुंचने और उसके लीक होने का मौका मिला।
मंधारे ने होटल लौटकर किताबों में सवाल तलाशे: CBI
सीबीआई के अनुसार, मनीषा मंधारे को वनस्पति विज्ञान के पेपर का अंग्रेजी से मराठी में अनुवाद और प्राणीशास्त्र के पेपर का दोबारा अनुवाद करने की जिम्मेदारी दी गई थी। आरोप है कि होटल लौटने के बाद उन्होंने एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में संबंधित अंशों को चिन्हित किया। जांच एजेंसी का दावा है कि उनके अनुभव की वजह से वह परीक्षा के सवालों को पाठ्यपुस्तक की सामग्री से आसानी से जोड़ सकती थीं।
हवलदार पर सवालों के नोट्स बनाने का आरोप
आरोपपत्र के अनुसार, मनीषा हवलदार को भौतिकी के प्रश्नों के अनुवाद का काम सौंपा गया था। सीबीआई का आरोप है कि वह हर दिन काम खत्म होने के बाद दिल्ली स्थित अपने आवास पर लौटकर प्रश्नों के संक्षिप्त नोट्स बनाती थीं।
बिचौलियों के जरिए राजस्थान और हरियाणा तक पहुंचा पेपर
सीबीआई ने आरोप लगाया है कि पुणे की ब्यूटीशियन मनीषा वाघमारे ने बिचौलियों के जरिए लीक हुआ प्रश्नपत्र राजस्थान और हरियाणा तक पहुंचाया। आरोप है कि एक छात्र तक पहुंचने से पहले प्रश्नपत्र को बिचौलियों की एक श्रृंखला के जरिए बड़ी रकम में बेचा गया था। एनटीए में एक छात्र की शिकायत के बाद कथित पेपर लीक का मामला सामने आया था।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञों ने किया मिलान
सीबीआई के अनुसार, दिल्ली विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की एक समिति ने जब्त की गई सामग्री की जांच की। समिति ने पाया कि सामग्री NEET-UG 2026 परीक्षा के अलग-अलग सेट के प्रश्नों से मेल खाती है।
लातूर के कोचिंग संचालक को भी बनाया आरोपी
जांच एजेंसी ने लातूर के कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर को भी आरोपी बनाया है। आरोपपत्र के मुताबिक, प्रश्नपत्र को अंतिम रूप देने के अलग-अलग चरणों में लोगों का एक ही समूह शामिल था। सीबीआई के अनुसार, इससे यह संभावना बनी कि पूरा अंतिम प्रश्नपत्र किसी एक व्यक्ति की पहुंच में आ सकता था।
परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
सीबीआई के निष्कर्षों में गोपनीय परीक्षा सामग्री के प्रबंधन में गंभीर सुरक्षा खामियों का भी उल्लेख किया गया है। जांच एजेंसी ने NEET-UG 2026 के प्रश्नपत्र तैयार करने और उसके अनुवाद के दौरान NTA की ओर से अपनाए गए सुरक्षा उपायों पर भी सवाल उठाए हैं।







