नेशनल डेस्क, मुस्कान कुमारी।
- NTA ने री-एग्जाम पेपर लीक या बिक्री के सोशल मीडिया दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है।
नई दिल्ली। मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 के री-एग्जाम को लेकर छात्रों और अभिभावकों में फैली अफवाहों पर NTA ने साफ कहा है कि पेपर लीक, अग्रिम पहुंच या बिक्री के सभी दावे बिल्कुल झूठे और फर्जी हैं।
एजेंसी ने एक्स पर जारी बयान में कहा कि ये दावे छात्रों और उनके परिवारों की चिंता का फायदा उठाने के लिए संगठित चीटिंग रैकेट्स द्वारा फैलाए जा रहे हैं। NTA ने जोर देकर कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की पूरी निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित की गई है।
री-एग्जाम 21 जून को
NTA के अनुसार, 21 जून को होने वाले री-एग्जाम के पेपर को लेकर सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो रहे संदेश पूरी तरह फर्जी हैं। इनके जरिए फर्जी पेपर बेचकर छात्रों से पैसे ऐंठने की कोशिश की जा रही है।
एजेंसी ने स्पष्ट किया, “परीक्षा की अखंडता पूरी तरह सुरक्षित है। सभी उम्मीदवारों के लिए निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर जरूरी कदम उठाए गए हैं।”
NTA ने ऐसे भ्रामक कंटेंट फैलाने वाले चैनलों, अकाउंट्स और मैसेज को पहचानकर संबंधित प्लेटफॉर्म्स और साइबर क्राइम अथॉरिटीज को रिपोर्ट कर दिया है। साथ ही कानून प्रवर्तन एजेंसियों में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
छात्रों को सलाह
एजेंसी ने सभी अभ्यर्थियों और अभिभावकों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी संदेश पर ध्यान न दें, पैसे न दें और न ही उन्हें आगे शेयर करें। केवल NTA की आधिकारिक वेबसाइट और वेरिफाइड चैनलों से जारी सूचनाओं पर भरोसा करें।
NTA ने कहा, “हर उम्मीदवार से हमारा आग्रह है कि अफवाहों को नजरअंदाज करें और अपनी तैयारी पर पूरा ध्यान दें। आपकी मेहनत ही मायने रखती है। NTA निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय परीक्षा कराने के लिए प्रतिबद्ध है।”
बता दें कि मूल NEET-UG परीक्षा 3 मई को हुई थी, जिसे 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था। इस मामले की CBI जांच कर रही है। देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शनों के बाद NTA ने री-एग्जाम का ऐलान किया था।







