नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस के विरोध-प्रदर्शन और उसके बाद हुई हिरासत के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन के पीछे की वजह स्पष्ट करते हुए कहा कि पार्टी छात्रों के अधिकारों और उनके भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर उनके साथ खड़ी है। मंदिर मार्ग थाने से बाहर आने के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि संसद में छात्रों के मुद्दों पर चर्चा की मांग लगातार की गई, लेकिन सरकार ने इस पर कोई गंभीर पहल नहीं की। ऐसे में विपक्ष ने अपनी बात मजबूती से रखने के लिए प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने का फैसला किया।
प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्रों की आवाज उठाना विपक्ष की जिम्मेदारी है, क्योंकि लोकतंत्र में जनता की समस्याओं को सामने रखना जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य होता है। उन्होंने कहा कि जिन छात्रों ने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर प्रतिनिधियों को संसद तक पहुंचाया है, उनके हितों की रक्षा करना भी उतना ही जरूरी है। उनके मुताबिक, छात्रों के साथ जो कुछ हो रहा है, उसके खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ उनके समर्थन में खड़ी रहेगी और जरूरत पड़ने पर हर लोकतांत्रिक मंच पर उनकी आवाज बुलंद करेगी।
कांग्रेस महासचिव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर मामलों पर संसद में व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय मिलना चाहिए और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए। प्रियंका गांधी ने कहा कि लोकतंत्र जनता का है, संसद जनता की है और देश के युवाओं की आवाज को अनसुना नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन करने के फैसले पर पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि विपक्ष लगातार संसद में चर्चा की मांग करता रहा, लेकिन जब बहस की अनुमति नहीं मिली और प्रदर्शन के लिए भी अनुमति नहीं दी गई, तब पार्टी ने ऐसे स्थान पर विरोध दर्ज कराया, जहां सरकार का ध्यान इस मुद्दे की ओर आकर्षित हो सके। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य केवल छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाना था।
इस दौरान प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा क्षेत्र के लिए निर्धारित बजट और सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। उनका कहना था कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए, ताकि छात्रों का विश्वास शिक्षा प्रणाली में बना रहे।
वहीं कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने भी सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि परीक्षा से जुड़े विवादों और पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश के युवाओं का भविष्य प्रभावित किया है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। हुड्डा ने कहा कि युवाओं की समस्याओं का समाधान केवल कार्रवाई और जवाबदेही तय करने से ही संभव है तथा लोकतांत्रिक तरीके से उठाई जा रही उनकी आवाज को अनदेखा नहीं किया जाना चाहिए।







