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RSS ने टीजी मोहनदास के बयानों से दूरी बनाई

नेशनल डेस्क,श्रेयांश पराशर l

कोच्चि। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने टी.जी. मोहनदास की हालिया विवादित टिप्पणियों से स्वयं को पूरी तरह अलग करते हुए कहा है कि उनके बयान संगठन के विचार नहीं हैं। संघ ने स्पष्ट किया कि मोहनदास की टिप्पणियां उनकी व्यक्तिगत राय हैं और संगठन उनका समर्थन नहीं करता।

आरएसएस के दक्षिण केरल प्रांत के सह-कार्यवाह के.बी. श्रीकुमार ने कहा कि मोहनदास वर्तमान में संघ में किसी भी स्तर पर कोई पद या जिम्मेदारी नहीं निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाल में नई दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में हुए विरोध प्रदर्शनों और सीपीआई(एम) से जुड़े प्रदर्शनों पर मोहनदास द्वारा की गई टिप्पणियों से आरएसएस का कोई संबंध नहीं है। संगठन ऐसे बयानों की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

इस बीच, तिरुवनंतपुरम में केरल सरकार ने मोहनदास के कथित भाषण की पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। सरकार ने पुलिस से वायरल वीडियो और उससे जुड़े तथ्यों की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मोहनदास का वीडियो सामने आने के बाद राज्य में राजनीतिक विवाद तेज हो गया। विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने उनके बयान को भड़काऊ बताते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। विपक्षी दलों ने निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विवाद उस समय शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मोहनदास ने कथित तौर पर कहा कि यदि उनके पास अधिकार होता तो वे नई दिल्ली के जंतर-मंतर के आसपास चार किलोमीटर के दायरे में कर्फ्यू लगा देते, प्रदर्शनकारियों को तीन बार चेतावनी देते और इसके बाद पुलिस फायरिंग का आदेश देते। इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। वहीं, आरएसएस ने दोहराया है कि संगठन किसी व्यक्ति के निजी विचारों के लिए जिम्मेदार नहीं है और उसका आधिकारिक रुख इससे अलग है।