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SP स्वर्ण प्रभात की हॉस्टल संचालकों को दो टूक—"नियम मानिए या जेल जाइए"

लोकल डेस्क, एन के सिंह।

बिना पुलिस वेरिफिकेशन के हॉस्टल में नहीं मिलेगा काम, हर कर्मचारी का क्रिमिनल रिकॉर्ड खंगालेगी मोतिहारी पुलिस।

पूर्वी चंपारण: बिहार के मोतिहारी में अब बेटियां खुद को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित महसूस करेंगी। जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात ने महिला सुरक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक और कठोर कदम उठाते हुए जिले के तमाम गर्ल्स हॉस्टल्स और लॉज के लिए 'लक्ष्मण रेखा' खींच दी है। अब शहर के हॉस्टल्स सिर्फ रहने की जगह नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज़ से एक 'अभेद्य किले' की तरह होंगे। SP ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्राओं की गरिमा और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले संचालकों के दिन अब लद चुके हैं; अगर नियमों में रत्ती भर भी चूक हुई, तो सीधे कानूनी गाज गिरेगी।

रजिस्ट्रेशन और पुलिस वेरिफिकेशन, अब कोई 'संदिग्ध' नहीं टिकेगा

नए सुरक्षा फरमान के तहत, मोतिहारी के हर गर्ल्स हॉस्टल और लॉज को अब प्रशासन के पास अनिवार्य रूप से पंजीकृत होना होगा। अंधेरे में चल रहे अवैध हॉस्टल्स पर अब पुलिस की पैनी नजर है। इतना ही नहीं, हॉस्टल के अंदर काम करने वाले रसोइए से लेकर गार्ड तक, हर कर्मचारी का 'क्रिमिनल रिकॉर्ड' खंगाला जाएगा। पुलिस सत्यापन (Police Verification) के बिना किसी भी कर्मचारी को काम पर रखना अपराध की श्रेणी में आएगा, ताकि हॉस्टल के भीतर किसी भी असामाजिक तत्व की एंट्री को जड़ से खत्म किया जा सके।

तीसरी आंख का पहरा और बायोमेट्रिक कवच

तकनीक को सुरक्षा का हथियार बनाते हुए SP स्वर्ण प्रभात ने आदेश दिया है कि हॉस्टल के हर एंट्री और एग्जिट पॉइंट पर हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे लगाए जाएं, जिनकी निगरानी 24 घंटे होगी। छात्राओं की सुरक्षा को डिजिटल मजबूती देने के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई है। अब बाहरी पुरुषों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित होगा और किसी भी आगंतुक को बिना आईडी प्रूफ और रजिस्टर में एंट्री किए अंदर जाने की अनुमति नहीं मिलेगी। हॉस्टल की दीवारों से लेकर दरवाजों के तालों तक, हर बुनियादी ढांचे को 'हाई-अलर्ट' मोड पर दुरुस्त करने का आदेश दिया गया है।

'अभया ब्रिगेड' और डायल 112, संकट में बेटियां नहीं होंगी अकेली

सुरक्षा के इस नए मॉडल में 'अभया ब्रिगेड' और 'डायल 112' को रीढ़ की हड्डी माना जा रहा है। हर हॉस्टल के रिसेप्शन पर पुलिस हेल्पलाइन नंबरों का बड़ा डिस्प्ले लगाना अनिवार्य होगा। पुलिस की विशेष टीम हॉस्टल्स का दौरा कर छात्राओं के मोबाइल में '112 India App' डाउनलोड कराएगी और उन्हें इसके 'पैनिक बटन' के इस्तेमाल की ट्रेनिंग देगी। महिला वार्डन की 24 घंटे मौजूदगी को अनिवार्य करते हुए उन्हें जवाबदेह बनाया गया है कि किसी भी आपात स्थिति में वे सीधे पुलिस और अभिभावकों से संवाद करेंगी।

SP की चेतावनी, "समझौते की कोई गुंजाइश नहीं"

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने कड़े लहजे में कहा है कि जिले की हर बेटी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने साफ किया कि पुलिस की टीमें अब नियमित रूप से हॉस्टल्स का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेंगी। यदि किसी भी संचालक ने CCTV खराब पाया गया, रजिस्टर में गड़बड़ी मिली या सुरक्षा मानकों की अनदेखी की, तो उन पर न केवल जुर्माना लगेगा, बल्कि कठोर धाराओं में जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। मोतिहारी पुलिस का यह एक्शन अब पूरे सूबे के लिए एक मिसाल बनता नजर आ रहा है।