लोकल डेस्क, एन के सिंह।
गड़बड़ी मिलने पर एसएसपी ने दी कड़ी चेतावनी, मुजफ्फरपुर जिले में नशे के सौदागरों और पेशेवर अपराधियों के खिलाफ अब चलेगा 'स्पेशल स्ट्राइक' अभियान।
मुजफ्फरपुर: पुलिस अब अपराधियों के लिए काल और आम जनता के लिए ढाल बनने के नए संकल्प के साथ सड़कों पर उतरेगी। जिले की सुरक्षा व्यवस्था को धार देने और पुलिस महकमे में अनुशासन का नया संचार करने के लिए वरीय पुलिस अधीक्षक कांतेश मिश्रा ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शनिवार को पुलिस लाइन के मैदान में आयोजित विशेष परेड के दौरान न केवल जवानों के अनुशासन को परखा गया, बल्कि पुलिस की 'गति' कहे जाने वाले सरकारी वाहनों की भी बारीकी से जांच की गई।
मैदान में उतरी खाकी: अनुशासन और तैयारी का शक्ति प्रदर्शन
सुबह-सवेरे पुलिस लाइन का मैदान खाकी की धमक से गूंज उठा। एसएसपी कांतेश मिश्रा ने विशेष परेड का निरीक्षण करते हुए जवानों के टर्नआउट और उनके रिस्पांस टाइम की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की असली ताकत उसका अनुशासन और तत्परता है। निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने जवानों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें हर परिस्थिति के लिए मानसिक रूप से तैयार रहने का मंत्र दिया।
वाहनों की फिटनेस पर 'सख्त' नजर: गश्ती में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
अक्सर देखा जाता है कि आपातकालीन स्थिति में वाहनों की तकनीकी खराबी पुलिस की कार्रवाई में बाधा बनती है। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए एसएसपी ने जिले के सभी थानों से आए सरकारी वाहनों की कतारबद्ध जांच की। वाहनों का फिटनेस, ईंधन प्रबंधन और जिन वाहनों के रख-रखाव में खामियां पाई गईं, एसएसपी ने उनके प्रभारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल मरम्मत कराने का अल्टीमेटम दिया। उन्होंने दो टूक कहा, "गश्ती के दौरान वाहन का खराब होना सीधे तौर पर जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"
मिशन मोड में मुजफ्फरपुर पुलिस: नशे और अपराध पर होगा प्रहार
परेड के बाद जिले के पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए एसएसपी ने आगामी रणनीति का खुलासा किया। उन्होंने निर्देश दिया कि अब जिले में मादक पदार्थ (ड्रग्स) तस्करों और पेशेवर अपराधियों के विरुद्ध एक बड़ा और 'विशेष अभियान' छेड़ा जाएगा।
"पुलिस की कार्यक्षमता संसाधनों की बेहतर स्थिति पर निर्भर करती है। हमारा लक्ष्य है कि आम नागरिकों के मन में सुरक्षा का भाव हो और अपराधियों के मन में कानून का ऐसा खौफ कि वे अपराध करने से पहले सौ बार सोचें।" — कांतेश मिश्रा, एसएसपी, मुजफ्फरपुर
त्वरित रिस्पॉन्स (Quick Response): किसी भी अपराध या आपात सूचना पर पुलिस के पहुंचने का समय (Response Time) न्यूनतम हो।
अलर्ट मोड पर गश्ती: गश्ती दल केवल सड़कों पर न दिखे, बल्कि उसकी मौजूदगी का असर भी नजर आए।
जनता से जुड़ाव: आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ाना पहली प्राथमिकता।
अपराधियों में हड़कंप
एसएसपी के इस औचक और कड़े निरीक्षण से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। संसाधनों को दुरुस्त करने और अपराधियों पर 'स्ट्राइक' करने के इस आदेश ने साफ कर दिया है कि मुजफ्फरपुर में अब कानून का राज और भी सख्त होने वाला है। आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न इलाकों में पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।







