स्पोर्ट्स डेस्क : ऋषि राज
बर्मिंघम: इंग्लैंड के खिलाफ टी20 श्रृंखला में 4-0 की करारी हार झेलने के बाद भारतीय टीम ने शानदार वापसी करते हुए पहले एकदिवसीय मुकाबले में मेजबान इंग्लैंड को छह विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। कप्तान शुभमन गिल की संयमित 80 रन की पारी, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर के बीच नाबाद 102 रन की साझेदारी तथा गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने भारत की जीत की नींव रखी। इस जीत के साथ भारत ने एजबेस्टन में इंग्लैंड के 12 वर्षों से चले आ रहे अजेय रिकॉर्ड का भी अंत कर दिया।
टॉस के बाद पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत संतुलित रही। बेन डकेट ने 43 रन बनाए, जबकि अनुभवी बल्लेबाज जो रूट ने 76 रनों की शानदार पारी खेलकर पारी को संभाला। निचले क्रम में लियाम डॉसन ने 68 रन जोड़कर टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट निकालकर इंग्लैंड को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी टीम 47.5 ओवर में 258 रन पर सिमट गई।
भारत की ओर से अक्षर पटेल सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 9.5 ओवर में 62 रन देकर चार विकेट झटके। प्रसिद्ध कृष्णा ने दो, गुरनूर बरार ने दो, जबकि जसप्रीत बुमराह और शिवम दुबे ने एक-एक विकेट लिया। लंबे समय बाद वनडे टीम में लौटे बुमराह ने अपनी सटीक लाइन और लेंथ से इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
259 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआती झटका कप्तान रोहित शर्मा के रूप में लगा, जो केवल 11 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विराट कोहली भी पांच रन बनाकर पवेलियन लौट गए। शुरुआती दो बड़े विकेट गिरने के बाद कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला और जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 75 गेंदों पर 80 रन बनाए। उनकी पारी में 11 चौके और एक छक्का शामिल रहा। गिल ने श्रेयस अय्यर के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी की, लेकिन मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैम्प्स) के कारण उन्हें रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान छोड़ना पड़ा।
गिल के बाहर जाने के बाद भारत एक समय 160 रन पर चार विकेट गंवाकर दबाव में दिखाई दे रहा था। ऐसे समय अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर ने शानदार धैर्य और समझदारी का परिचय दिया। दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और पांचवें विकेट के लिए नाबाद 102 रन जोड़ते हुए टीम को जीत दिला दी। अक्षर पटेल 57 और वॉशिंगटन सुंदर 52 रन बनाकर नाबाद लौटे। भारत ने 45.2 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 28 गेंद शेष रहते मुकाबला अपने नाम कर लिया।
यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। भारत ने एजबेस्टन में इंग्लैंड के 12 साल पुराने अजेय रिकॉर्ड को समाप्त किया। इंग्लैंड ने इस मैदान पर 2015 से लगातार सात वनडे मुकाबले जीते थे और आखिरी बार 2014 में भारत से ही पराजित हुआ था। इसके साथ ही भारत ने इंग्लैंड के खिलाफ लगातार छठी वनडे जीत दर्ज कर नया रिकॉर्ड भी बनाया।
यह मुकाबला इसलिए भी खास रहा क्योंकि 2016 के बाद यह केवल दूसरा अवसर था जब भारत ने 250 से अधिक के लक्ष्य का सफल पीछा किया, जबकि रोहित शर्मा और विराट कोहली दोनों में से कोई भी अर्धशतक नहीं बना सका। इससे स्पष्ट हुआ कि भारतीय टीम अब केवल वरिष्ठ बल्लेबाजों पर निर्भर नहीं है, बल्कि मध्यक्रम और ऑलराउंडर भी जिम्मेदारी उठाने में सक्षम हैं।
टी20 श्रृंखला की निराशा के बाद यह जीत भारतीय टीम के आत्मविश्वास के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कप्तान शुभमन गिल की नेतृत्व क्षमता, अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर की परिपक्व बल्लेबाजी तथा गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि भारतीय टीम वनडे प्रारूप में नई ऊर्जा के साथ वापसी कर चुकी है। अब दूसरे वनडे में भारत की नजर श्रृंखला पर कब्जा जमाने पर होगी, जबकि इंग्लैंड वापसी की पूरी कोशिश करेगा।







