Ad Image
Ad Image
युद्ध समाप्ति पर ईरान के साथ सकारात्मक बातचीत हुई: राष्ट्रपति ट्रंप || बिहार: विजय कुमार सिन्हा, निशांत कुमार, दिलीप जायसवाल, दीपक प्रकाश समेत 32 ने ली शपथ || बिहार में सम्राट सरकार का विस्तार, 32 मंत्रियों ने ली पद और गोपनीयता की शपथ || वोट चोरी का जिन्न फिर निकला, राहुल गांधी का EC और केंद्र सरकार पर हमला || वियतनामी राष्ट्रपति तो लाम पहुंचे भारत, राष्ट्रपति भवन में पारंपरिक स्वागत || टैगोर जयंती पर 9 मई को बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण की संभावना || केरल में सरकार गठन की कवायद तेज: अजय माकन और मुकुल वासनिक पर्यवेक्षक || असम में बीजेपी जीत के हैट्रिक की ओर, 101 से अधिक पर बढ़त, कांग्रेस 23 पर सिमटी || पांच राज्यों में मतगणना जारी: बंगाल, असम में भाजपा को बढ़त, केरल में कांग्रेस और तमिलनाडु में टीवीके को बढ़त || तमिलनाडु चुनाव: एक्टर विजय की टीवीके ने किया उलटफेर, 109 सीटो पर बढ़त

The argument in favor of using filler text goes something like this: If you use any real content in the Consulting Process anytime you reach.

  • img
  • img
  • img
  • img
  • img
  • img

Get In Touch

T20 वर्ल्ड कप में भारत से भिड़ंत से पीछे हटा पाकिस्तान

विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l

इस्लामाबाद l आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत-पाकिस्तान मुकाबले को लेकर बड़ा मोड़ सामने आया है। पाकिस्तान सरकार ने अपनी क्रिकेट टीम को टूर्नामेंट में भाग लेने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ निर्धारित ग्रुप मैच नहीं खेलने की शर्त रखी है। यह मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में प्रस्तावित है। फैसले के बाद अब आईसीसी और बीसीसीआई की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

पाकिस्तान सरकार के आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) हैंडल से जारी बयान में कहा गया कि पाकिस्तान टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलेगी, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में हिस्सा नहीं लेगी। यानी पाकिस्तान टूर्नामेंट का हिस्सा रहेगा, पर सबसे चर्चित भारत-पाक मैच से दूरी बनाएगा। इस कदम ने क्रिकेट जगत में हलचल बढ़ा दी है क्योंकि भारत-पाक मुकाबले आईसीसी टूर्नामेंट्स की सबसे ज्यादा देखी जाने वाली भिड़ंत माने जाते हैं, जिनसे प्रसारण और प्रायोजन राजस्व भी जुड़ा होता है।

विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला खेल से ज्यादा कूटनीतिक और राजनीतिक संदेश देने की कोशिश हो सकता है। हाल ही में पीसीबी चेयरमैन मोहसिन नकवी ने आईसीसी पर “दोहरा रवैया” अपनाने और बीसीसीआई के प्रभाव में काम करने का आरोप लगाया था। ऐसे में यह निर्णय आईसीसी पर दबाव की रणनीति भी माना जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, अब तक आईसीसी को पीसीबी की ओर से कोई औपचारिक लिखित सूचना नहीं मिली है। नियमों के तहत किसी भी कार्रवाई या शेड्यूल बदलाव पर फैसला आधिकारिक सूचना के बाद ही संभव है। यह घोषणा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और मोहसिन नकवी की बैठक के तुरंत बाद सामने आई, जिससे संकेत मिलता है कि निर्णय उच्च स्तर पर विचार के बाद लिया गया।

यदि पाकिस्तान अपने रुख पर कायम रहता है, तो आईसीसी को शेड्यूल, अंक प्रणाली या संभावित दंड जैसे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। कुल मिलाकर, यह मामला बताता है कि उपमहाद्वीप में क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि कूटनीति और राजनीति से भी गहराई से जुड़ा है।