नेशनल डेस्क, आर्या कुमारी।
मलप्पुरम, केरल में यूडीएफ की चुनावी जीत के जश्न के दौरान कथित तौर पर बकरे का सिर काटकर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने के मामले में पुलिस ने इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) के दो कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और विभिन्न संगठनों व लोगों ने इसकी कड़ी आलोचना की है।
पुलिस के अनुसार आरोपियों की पहचान कुरिक्कल पाडी मचिंगल रफी और वालपरम्बिल शोएब के रूप में हुई है। रफी यूथ लीग के पेरुनाल्लूर वार्ड सचिव तथा त्रिप्रंगोडे पंचायत समिति से जुड़े पदाधिकारी बताए जा रहे हैं, जबकि शोएब भी पार्टी से जुड़ा कार्यकर्ता है। दोनों पर विजय जुलूस के दौरान पशु के साथ क्रूरता करने और उसका कटा सिर सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित करने का आरोप है।
जानकारी के मुताबिक विधानसभा चुनाव परिणाम आने के बाद इलाके में यूडीएफ समर्थकों द्वारा विजय उत्सव मनाया जा रहा था। इसी दौरान कथित तौर पर एक बकरे को काटा गया और उसका खून से सना सिर लीग के झंडे लगे खंभे से बांधकर बाजार क्षेत्र में प्रदर्शित किया गया। वहां मौजूद समर्थकों और राहगीरों के बीच इस घटना को लेकर काफी चर्चा रही।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई लोगों ने इसे अमानवीय, बर्बर और लोकतांत्रिक राजनीति की गरिमा के खिलाफ बताया। पशु अधिकार कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों ने भी इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित करने को लेकर सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सूत्रों के मुताबिक यह पूरा कृत्य कथित तौर पर पूर्व मंत्री और वाम समर्थित निर्दलीय नेता के. टी. जलील का मजाक उड़ाने और उन्हें अपमानित करने की मंशा से किया गया था। थावनूर क्षेत्र की राजनीति में जलील एक प्रमुख चेहरा माने जाते हैं और घटना के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
सीपीआई (एम) के थावनूर क्षेत्र सचिव के. वी. सुधाकरन ने मामले की निंदा करते हुए कहा कि राजनीतिक जीत के नाम पर हिंसा और पशु क्रूरता का प्रदर्शन किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कहा कि पूरे मामले की विस्तृत जांच जारी है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।







