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US चुनाव: 400 KM ऊपर ISS से अनिल मेनन समेत 3 अंतरिक्ष यात्रियों ने डाला वोट

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।

वॉशिंगटन। अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में इस बार मतदान का एक अनोखा नजारा देखने को मिला। पृथ्वी से करीब 400 किलोमीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (आईएसएस) में मौजूद नासा के तीन अंतरिक्ष यात्रियों ने भी अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इनमें भारतीय मूल के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन के साथ ल्यूक डेलानी और जेसिका वॉटकिंस शामिल हैं। तीनों ने अंतरिक्ष से इलेक्ट्रॉनिक बैलेट के जरिए मतदान किया और अपने वोट सुरक्षित तरीके से चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाए।

अनिल मेनन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक वीडियो साझा कर अंतरिक्ष से मतदान की पूरी प्रक्रिया दिखाई। इस वीडियो में बताया गया कि पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहने के बावजूद अमेरिकी नागरिक अपने मतदान के अधिकार का इस्तेमाल कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ स्पेस स्टेशन पर मौजूद दोनों अन्य अंतरिक्ष यात्रियों ने भी इलेक्ट्रॉनिक बैलेट भरा और उसे संबंधित चुनाव अधिकारियों के पास भेज दिया।

मेनन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अंतरिक्ष से भी मतदान करना संभव है। उन्होंने बताया कि स्पेस स्टेशन पर मौजूद तीनों अमेरिकी क्रू सदस्यों को चुनाव में हिस्सा लेने का अवसर मिला। सभी ने इलेक्ट्रॉनिक बैलेट के माध्यम से अपना वोट दर्ज किया और उसे सुरक्षित तरीके से चुनाव अधिकारियों तक पहुंचाया।

नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने भी अंतरिक्ष यात्रियों की इस पहल की सराहना की। उन्होंने पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर दूर होने के बावजूद 3 नवंबर को हुए चुनाव में मतदान करने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की प्रशंसा की।

अनिल मेनन ने अपनी पोस्ट के साथ 29 सेकंड का एक वीडियो भी साझा किया। इसमें उन्होंने अपने सोने के कंपार्टमेंट को दिखाया, जहां 'आई वोटेड' यानी मैंने मतदान किया का स्टिकर लगा हुआ था। यही छोटा-सा स्थान उनके लिए मतदान केंद्र की तरह काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि इसी जगह रखे कंप्यूटर की मदद से उन्होंने अपना इलेक्ट्रॉनिक बैलेट भरा।

मेनन ने वीडियो में बताया कि उन्होंने कंप्यूटर पर एक इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म भरा और उसे टेक्सास की हैरिस काउंटी के चुनाव अधिकारियों को भेज दिया। इसी प्रक्रिया के जरिए उन्होंने अपना मतदान पूरा किया। हैरिस काउंटी में नासा का जॉनसन स्पेस सेंटर और मिशन कंट्रोल स्थित है। ल्यूक डेलानी और जेसिका वॉटकिंस ने भी इसी व्यवस्था के माध्यम से अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया।

अनिल मेनन 14 जुलाई को रूस के सोयुज अंतरिक्ष मिशन के जरिए इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पहुंचे थे। वहीं, उनके साथी अंतरिक्ष यात्री ल्यूक डेलानी और जेसिका वॉटकिंस एक अक्टूबर को स्पेसएक्स रॉकेट के माध्यम से अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचे थे। तीनों अंतरिक्ष यात्री अपने मिशन के दौरान पृथ्वी से दूर रहते हुए भी अमेरिकी चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा बने।

अंतरिक्ष से मतदान करने के लिए नासा के नियर स्पेस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है। इस नेटवर्क का प्रबंधन मैरीलैंड के ग्रीनबेल्ट स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर करता है। इसके जरिए अंतरिक्ष यात्रियों के इलेक्ट्रॉनिक बैलेट को पृथ्वी तक पहुंचाया जाता है। मतदान की गोपनीयता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए बैलेट को एन्क्रिप्ट किया जाता है, ताकि उसकी जानकारी सुरक्षित रहे।

इस प्रक्रिया में इलेक्ट्रॉनिक बैलेट तक पहुंच केवल संबंधित अंतरिक्ष यात्री और चुनाव अधिकारी यानी चुनाव क्लर्क तक सीमित रहती है। इससे अंतरिक्ष में मौजूद अमेरिकी नागरिक भी सामान्य मतदाताओं की तरह चुनाव में हिस्सा ले सकते हैं और उनके वोट को सुरक्षित तरीके से संबंधित चुनाव व्यवस्था तक पहुंचाया जा सकता है।

अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री वर्ष 1997 से अंतरिक्ष में रहते हुए मतदान कर रहे हैं। उस समय टेक्सास ने एक कानून पारित किया था, जिसके तहत अंतरिक्ष में मौजूद अमेरिकी नागरिकों को भी चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी गई थी। इस कानून के बाद अंतरिक्ष यात्रियों के लिए पृथ्वी से दूर रहते हुए भी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेना संभव हो सका।

नासा के अंतरिक्ष यात्री डेविड वुल्फ अंतरिक्ष से मतदान करने वाले पहले व्यक्ति बने थे। उन्होंने रूस के मीर अंतरिक्ष स्टेशन में रहते हुए अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। इसके बाद से अंतरिक्ष में तैनात अमेरिकी अंतरिक्ष यात्रियों के लिए मतदान की यह व्यवस्था जारी है। इस बार अनिल मेनन समेत तीन अंतरिक्ष यात्रियों के मतदान ने एक बार फिर दिखाया कि तकनीक की मदद से पृथ्वी से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहकर भी चुनावी प्रक्रिया में हिस्सा लिया जा सकता है।