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US मिडटर्म चुनाव में भारतीय-अमेरिकियों का दबदबा, सुहास-पिया जीते; रामास्वामी पिछड़े

विदेश डेस्क, आर्या कुमारी।

वॉशिंगटन। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के शुरुआती नतीजों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों का प्रदर्शन चर्चा में है। भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेट सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने जीत हासिल की है, जबकि फ्लोरिडा के एक करीबी मुकाबले में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया भी चुनाव जीत गई हैं। दूसरी ओर, ओहायो में गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहे रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी शुरुआती मतगणना में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन से पीछे चल रहे हैं। इन नतीजों के साथ अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की भूमिका एक बार फिर चर्चा में आ गई है।

वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार सुहास सुब्रमण्यम ने जीत दर्ज की है। शुरुआती नतीजों के अनुसार, उन्हें करीब 63 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को लगभग 37 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस सीट पर अनुमानित कुल वोटों में से करीब 95 प्रतिशत की गिनती पूरी हो चुकी थी।

इस जीत के साथ सुब्रमण्यम को कांग्रेस में दूसरा दो वर्षीय कार्यकाल मिल गया है। वह 2024 के चुनाव में वर्जीनिया से कांग्रेस पहुंचने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी बने थे और उन्होंने 2025 में अपना पहला कार्यकाल शुरू किया था। इस बार उनके खिलाफ रिपब्लिकन उम्मीदवार डेव बेकविथ के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी अहसेन मलिक भी चुनाव मैदान में थे।

मैरीलैंड में भारतीय-अमेरिकी नेता और लेफ्टिनेंट गवर्नर अरुणा मिलर ने भी जीत हासिल की है। वह डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव लड़ रही थीं। शुरुआती नतीजों में उन्होंने रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप को पीछे छोड़ दिया। क्रोप पूर्व स्टेट डेलीगेट डैन कॉक्स के सहयोगी उम्मीदवार थे।

अरुणा मिलर की जीत से मैरीलैंड के शीर्ष राज्य प्रशासन में भारतीय-अमेरिकी प्रतिनिधित्व बना रहेगा। उनके दोबारा चुने जाने को अमेरिकी राजनीति में भारतीय मूल के नेताओं की बढ़ती भागीदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार पिया डांडिया ने भी कड़े मुकाबले में जीत दर्ज की है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, उन्हें 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी असकर को 48.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। इस सीट पर अनुमानित वोटों में से करीब 97.6 प्रतिशत की गिनती पूरी हो चुकी थी।

यह मुकाबला काफी करीबी रहा और इस पर राजनीतिक दलों की खास नजर थी। इसकी वजह यह थी कि प्रतिनिधि सभा यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में बहुमत हासिल करने की लड़ाई में इस सीट के नतीजे महत्वपूर्ण माने जा रहे थे। डांडिया की जीत को डेमोक्रेटिक पार्टी के लिए अहम सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

वहीं, ओहायो में गवर्नर पद के चुनाव में भारतीय-अमेरिकी रिपब्लिकन उम्मीदवार विवेक रामास्वामी शुरुआती रुझानों में पिछड़ते नजर आए। यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने बढ़त बना रखी थी। करीब 50 प्रतिशत वोटों की गिनती के बाद एक्टन को 53 प्रतिशत से अधिक मत मिले थे, जबकि रामास्वामी को लगभग 44 प्रतिशत वोट प्राप्त हुए थे।
शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, एमी एक्टन और विवेक रामास्वामी के बीच वोटों का अंतर दिखाई दे रहा था। हालांकि, उस समय मतगणना पूरी नहीं हुई थी और अंतिम नतीजों का इंतजार किया जा रहा था।

कुल मिलाकर, अमेरिकी मध्यावधि चुनाव के शुरुआती नतीजे भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों के लिए सकारात्मक रहे। सुहास सुब्रमण्यम, अरुणा मिलर और पिया डांडिया की जीत से इस समुदाय का राजनीतिक प्रतिनिधित्व मजबूत हुआ है। दूसरी ओर, ओहायो में विवेक रामास्वामी का पिछड़ना रिपब्लिकन खेमे के लिए अहम घटनाक्रम रहा। हालांकि, कई अन्य महत्वपूर्ण सीटों पर मतगणना जारी रहने के कारण भारतीय मूल के उम्मीदवारों के समग्र प्रदर्शन की तस्वीर अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी।