विदेश डेस्क, श्रेया पाण्डेय।
वाशिंगटन: भारतीय मूल के नासा अंतरिक्ष यात्री डॉ. अनिल मेनन ने अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर सब्जियां उगाकर उन्हें पकाने का एक अनोखा कारनामा कर दिखाया है। यह जानकारी स्वयं डॉ. मेनन ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर साझा की, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी सह-अंतरिक्ष यात्री जेसिका के साथ मिलकर "शे ISS" (Chez ISS) नामक कुकिंग सीरीज के तहत केल (Kale) और वसाबी मस्टर्ड जैसी सब्जियां तैयार कीं।
नासा के अनुसार, यह सब्जियां स्टेशन पर मौजूद विशेष "प्लांट-ग्रोथ चैंबर" में लगभग एक महीने की अवधि में उगाई गईं। इस चैंबर में नियंत्रित रोशनी, तापमान और नमी की मदद से सूक्ष्म गुरुत्वाकर्षण यानी माइक्रोग्रैविटी की स्थिति में भी पौधों को विकसित किया जाता है। सब्जियां तैयार होने के बाद डॉ. मेनन और उनकी सहयोगी ने पत्तियों की कटाई कर उनसे भोजन बनाया और उसका स्वाद चखा।
अधिकारियों का कहना है कि यह प्रयोग नासा के व्यापक खाद्य अनुसंधान कार्यक्रम "वेजिटेबल प्रोडक्शन सिस्टम" का हिस्सा है। इसका मुख्य उद्देश्य भविष्य में चंद्रमा और मंगल ग्रह जैसे लंबी अवधि के मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों के लिए ताजा और पौष्टिक भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई अंतरिक्ष यात्री स्टेशन पर सब्जियां उगा चुके हैं। वर्ष 2023 में संयुक्त अरब अमीरात के अंतरिक्ष यात्री सुल्तान अलनेयादी ने भी स्टेशन पर उगाए गए टमाटरों की कटाई की थी।
डॉ. अनिल मेनन का जन्म अमेरिका के मिनियापोलिस शहर में हुआ था। उनके पिता भारतीय और माता यूक्रेनी मूल की हैं। पेशे से आपातकालीन चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ. मेनन वर्तमान में अमेरिकी स्पेस फोर्स में कर्नल के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से न्यूरोबायोलॉजी में स्नातक की डिग्री हासिल की, जबकि स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में परास्नातक और चिकित्सा में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की। नासा से जुड़ने से पहले वे स्पेसएक्स में कंपनी के पहले फ्लाइट सर्जन के तौर पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने कंपनी के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन "डेमो-2" के दौरान चिकित्सा सहायता प्रदान की थी।
वर्ष 2021 में डॉ. मेनन को नासा के अंतरिक्ष यात्री दल के लिए चुना गया और जनवरी 2022 में उन्होंने प्रशिक्षण की शुरुआत की। इसके बाद 14 जुलाई 2026 को वे रूस के बैकानूर कॉस्मोड्रोम से सोयुज एमएस-29 अंतरिक्ष यान के जरिए अंतरिक्ष के लिए रवाना हुए। इस मिशन में उनके साथ रूसी अंतरिक्ष यात्री प्योत्र दुब्रोव और अन्ना किकिना भी शामिल हैं। यह मिशन लगभग आठ महीने तक चलेगा, जिसके दौरान डॉ. मेनन एक्सपेडिशन 75 के फ्लाइट इंजीनियर के रूप में विभिन्न वैज्ञानिक प्रयोगों और तकनीकी परीक्षणों में भाग लेंगे।
विशेषज्ञों के मुताबिक, अंतरिक्ष में की जा रही इस तरह की खाद्य अनुसंधान गतिविधियां भविष्य की गहन अंतरिक्ष यात्राओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं, क्योंकि लंबी दूरी की यात्राओं में पृथ्वी से भोजन की आपूर्ति सीमित होगी और अंतरिक्ष यात्रियों को स्वयं ही अपने भोजन का प्रबंध करना पड़ सकता है।







