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अमेरिका-ईरान वार्ता रुकी, लेकिन बैकचैनल संपर्क अब भी जारी

विदेश डेस्क, ऋषि राज |

तेहरान/बुर्गेनस्टॉक: अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक में चल रही बहुप्रतीक्षित वार्ता फिलहाल ठहराव की स्थिति में पहुंच गई है। हालांकि दोनों पक्षों के बीच बैकचैनल संपर्क अब भी जारी है, जिससे उम्मीद बनी हुई है कि बातचीत पूरी तरह विफल नहीं हुई है।

सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, वार्ता प्रक्रिया से जुड़े एक ईरानी सूत्र ने कहा कि दोनों देशों को फिर से बातचीत की मेज पर लाने के लिए मध्यस्थ देश लगातार सक्रिय हैं।

तनाव उस समय बढ़ गया जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर सख्त कदम उठा सकता है। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।

ईरान के मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने ट्रंप की टिप्पणियों को “हताशा” करार दिया। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव में नहीं झुकेगा और अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा व संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।

गालिबाफ ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य की किसी भी सीधी वार्ता का आधार ईरान की शर्तें और राष्ट्रीय हित होंगे। उन्होंने कहा कि बातचीत के रास्ते बंद नहीं हुए हैं, लेकिन अमेरिका को अपने रवैये में बदलाव लाना होगा।

विश्लेषकों का कहना है कि वार्ता में आया यह ठहराव अस्थायी हो सकता है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ दिनों में जो प्रगति हुई थी, वह पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है।

अब दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या बैकचैनल कूटनीति इस संकट को हल कर पाएगी या फिर मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े तनाव की ओर बढ़ेगा।