विदेश डेस्क, श्रेयांश पराशर l
वॉशिंगटन। अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कई हफ्तों से चल रहे ईरान के साथ तनाव को खत्म करने का रास्ता तलाशने की अपील की है। सीएनएन ने सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है।
एक सूत्र के अनुसार, जनरल केन इस मामले से बाहर निकलने का रास्ता तलाश रहे हैं। उन्होंने हाल के दिनों में अमेरिकी प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कई गोपनीय बैठकें की हैं। इन बैठकों का उद्देश्य ईरान के साथ जारी तनाव और संभावित सैन्य टकराव से जुड़े जोखिमों को लेकर अपनी राय साझा करना था।
टीवी चैनल के मुताबिक, जनरल केन ने कैबिनेट के महत्वपूर्ण सदस्यों के साथ भी चर्चा की। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो और सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ शामिल हैं। इन बैठकों में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के मामले में बढ़ते तनाव और उससे जुड़े संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी दी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी सेना और खुफिया समुदाय के भीतर यह समझ बढ़ रही है कि ईरान के साथ किसी भी संभावित संघर्ष में एयरपावर यानी हवाई ताकत की भूमिका सीमित हो सकती है। जनरल केन भी कथित तौर पर इसी राय से सहमत हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी सेना का आकलन है कि ईरान के बुनियादी ढांचे पर हवाई हमले करने से संघर्ष समाप्त होने की गारंटी नहीं है। इसके बजाय इससे फारस की खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सहयोगियों और ठिकानों पर जवाबी हमलों का खतरा बढ़ सकता है।
अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को कहा कि ईरान के साथ 30 से 60 दिनों के संघर्ष-विराम समझौते पर जल्द ही सहमति बन सकती है।
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अगस्त को कहा था कि उन्होंने ईरान पर हमले इसलिए रोक दिए क्योंकि एक समझौता होने की संभावना है। प्रस्तावित समझौते में बंधकों की रिहाई और ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर सहमति शामिल हो सकती है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच संभावित संघर्ष-विराम को लेकर राजनयिक और सैन्य स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं।







