लोकल डेस्क, एन. के. सिंह।
15 दिनों में कागजात जमा करने का निर्देश। कागजात मिलते ही अल्पसंख्यक कल्याण विभाग शुरू करेगा राशि भेजने की प्रक्रिया।
पूर्वी चंपारण: जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने शनिवार को अपने कार्यालय कक्ष में मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना-2025 की समीक्षा की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण उन विद्यार्थियों को लाभ दिलाना था, जो आवश्यक दस्तावेजों के अभाव में अब तक प्रोत्साहन राशि से वंचित रह गए हैं। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों का उत्साहवर्धन सरकार की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दस्तावेजों की कमी से फंसे 709 आवेदन
समीक्षा के दौरान यह तथ्य सामने आया कि जिले में अधिकांश पात्र विद्यार्थियों को राशि का भुगतान किया जा चुका है। हालांकि, अंक पत्र, प्रवेश पत्र, बैंक पासबुक, आधार कार्ड और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कागजात जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में जमा नहीं होने के कारण कुल 709 विद्यार्थी अभी भी वंचित हैं। इनमें इंटर स्तर की 370 छात्राएं, मौलवी स्तर की 173 छात्राएं और फौकानिया स्तर के 166 छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
ब्लॉक शिक्षा पदाधिकारियों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने जिले के सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (बीईओ) को कड़ा निर्देश दिया कि वे अगले 15 दिनों के भीतर अपने-अपने क्षेत्र के संबंधित विद्यालयों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करें। उन्होंने कहा कि वंचित छात्र-छात्राओं के आवश्यक कागजात एकत्रित कर अविलंब जिला अल्पसंख्यक कल्याण कार्यालय में जमा कराए जाएं ताकि समय सीमा के भीतर भुगतान की प्रक्रिया पूरी हो सके। साथ ही, अल्पसंख्यक कल्याण के सहायक निदेशक मोहम्मद साजिद को प्राप्त आवेदनों का त्वरित निष्पादन कर राशि ट्रांसफर करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में मुख्य रूप से सहायक निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण मोहम्मद साजिद, जिला शिक्षा कार्यालय के डीपीओ और सभी प्रखंडों के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सहायक निदेशक ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए विश्वास दिलाया कि छूटे हुए लाभार्थियों को जल्द से जल्द योजना का लाभ पहुंचा दिया जाएगा।







